
सार
धर्मेंद्र सिंह लोधी | टीकमगढ़ जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण में अनियमितता पाए जाने पर दो शासकीय उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। जतारा की बाजीतपुरा दुकान में रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक के बीच गेहूं, चावल, शक्कर, नमक और मूंग की बड़ी मात्रा में कमी मिली। वहीं छिपरी दुकान में भी पीओएस रिकॉर्ड की तुलना में खाद्यान्न और केरोसिन का स्टॉक कम पाया गया। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देश पर संबंधित थानों में प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
विस्तार
टीकमगढ़ जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर प्रशासन ने अनियमितता के मामलों में कार्रवाई की है। जांच के दौरान गड़बड़ी पाए जाने पर दो शासकीय उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रशासन के अनुसार कार्रवाई का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना है।
जतारा अनुविभाग की बाजीतपुरा शासकीय उचित मूल्य दुकान की जांच में विक्रेता बैजनाथ अहिरवार के स्तर पर उपभोक्ताओं को नियमित राशन वितरण नहीं करने, दुकान नियमित रूप से नहीं खोलने और पीओएस मशीन में बायोमेट्रिक प्रक्रिया से संबंधित अनियमितताएं सामने आईं।
जांच के दौरान दुकान में भौतिक रूप से चावल 1 क्विंटल, गेहूं 4 क्विंटल, शक्कर 0.24 क्विंटल और नमक 6 क्विंटल पाया गया। वहीं पीओएस स्टॉक से तुलना करने पर गेहूं 561.11 क्विंटल, चावल 282.46 क्विंटल, शक्कर 3.29 क्विंटल, नमक 7.15 क्विंटल और मूंग 1.90 क्विंटल कम पाया गया। जांच प्रतिवेदन के आधार पर बैजनाथ अहिरवार के खिलाफ थाना जतारा में एफआईआर दर्ज कराई गई।
इसी तरह छिपरी शासकीय उचित मूल्य दुकान की जांच में विक्रेता जितेंद्र अहिरवार के संबंध में जनवरी और फरवरी 2026 का राशन निर्धारित मात्रा में हितग्राहियों को वितरित नहीं करने, दुकान नियमित रूप से नहीं खोलने और राशन वितरण की सूचना उपभोक्ताओं को नहीं देने जैसी अनियमितताएं सामने आईं।
जांच में पीओएस पोर्टल पर दर्ज स्टॉक की तुलना में गेहूं 164.32 क्विंटल, चावल 11.68 क्विंटल, शक्कर 0.14 क्विंटल, नमक 3.09 क्विंटल और केरोसिन 530 लीटर कम पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर जितेंद्र अहिरवार के खिलाफ थाना लिधौरा में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
दोनों मामलों में जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद संबंधित थानों में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज किए गए।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में हितग्राहियों के राशन में अनियमितता, कालाबाजारी या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
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