
सार
दूरदर्शन का चर्चित सीरियल ‘इंद्रधनुष’ अपनी अनोखी टाइम-ट्रैवल कहानी के कारण 90 के दशक के बच्चों के बीच खासा लोकप्रिय रहा। 1989 में प्रसारित इस विज्ञान-कथा शो में बच्चों का एक समूह कंप्यूटर बनाता है, जिसके जरिए कहानी में भविष्य और अतीत की रोमांचक यात्रा सामने आती है।
विस्तार
90 के दशक के टीवी दर्शकों के लिए दूरदर्शन का दौर बेहद खास रहा है। उस समय सीमित चैनलों के बीच ऐसे कई धारावाहिक आए, जिन्होंने अपनी अलग कहानियों से बच्चों और परिवारों का मनोरंजन किया। इन्हीं में से एक था ‘इंद्रधनुष’, जो अपने समय से काफी अलग कहानी लेकर आया था।
यह विज्ञान-कथा और फैंटेसी पर आधारित बच्चों का शो था, जिसका प्रसारण डीडी नेशनल पर 1989 में हुआ। शो के कुल 13 एपिसोड थे।
‘इंद्रधनुष’ की कहानी कुछ बच्चों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो मिलकर एक कंप्यूटर तैयार करते हैं। इसके बाद उनकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आता है, जो उन्हें आम बच्चों की दुनिया से निकालकर रहस्यमयी और रोमांचक घटनाओं के बीच पहुंचा देता है।
कहानी में कंप्यूटर के जरिए एंड्रोमेडा गैलेक्सी के एक एलियन राजकुमार से जुड़ा घटनाक्रम सामने आता है। इसके बाद बच्चों के सामने कई मुश्किलें आती हैं और कहानी लगातार नए मोड़ लेती है।
शो की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा टाइम ट्रैवल था। कहानी में एक बच्चे के अपहरण के बाद बाकी बच्चों को उसे बचाने के लिए समय में पीछे और आगे जाने का मौका मिलता है।
वे टाइम मशीन के जरिए 1942 और 2013 की यात्रा करते हैं। उस दौर के टीवी दर्शकों के लिए समय में आगे-पीछे जाने का यह विचार बेहद नया और रोमांचक था।
‘इंद्रधनुष’ की एक खास बात इसकी स्टारकास्ट भी थी। इसमें गिरिश कर्नाड, दीप्ता लागू और अक्षय आनंद जैसे कलाकार नजर आए। इसके अलावा आज फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना चुके कुछ नाम भी इस सीरियल से जुड़े थे।
शो में करण जौहर ने श्रीकांत नाम के किरदार की भूमिका निभाई थी। वहीं फिल्म निर्देशक आशुतोष गोवारिकर भी इससे जुड़े थे। उर्मिला मातोंडकर ने भी शो में एक भूमिका निभाई थी।
‘इंद्रधनुष’ को खास बनाने वाली बात यह थी कि उस दौर में भारतीय टेलीविजन पर बच्चों के लिए विज्ञान-कथा और टाइम ट्रैवल जैसे विषय बहुत आम नहीं थे। कंप्यूटर, एलियन, टाइम मशीन और भविष्य की दुनिया को एक साथ जोड़कर बनाई गई कहानी ने बच्चों की कल्पना को एक अलग दुनिया दी।
यही वजह रही कि शो की कहानी ने दर्शकों का ध्यान खींचा और यह अपने समय के यादगार टीवी कार्यक्रमों में शामिल हो गया।
आज टीवी और ओटीटी पर विज्ञान-कथा की कहानियों की भरमार है। टाइम ट्रैवल भी फिल्मों और वेब सीरीज का लोकप्रिय विषय बन चुका है। लेकिन ऐसे समय में ‘इंद्रधनुष’ को याद करना उस दौर की याद दिलाता है, जब सीमित संसाधनों के बावजूद टीवी पर नए और अलग प्रयोग किए जाते थे।
90 के दशक में बड़े हुए दर्शकों के लिए यह सीरियल सिर्फ एक बच्चों का शो नहीं, बल्कि बचपन की यादों से जुड़ा हिस्सा भी बन गया। टाइम मशीन, भविष्य की दुनिया और बच्चों के रोमांच से भरी इसकी कहानी आज भी पुराने दूरदर्शन धारावाहिकों की चर्चा में खास जगह रखती है।
- Doordarshan-Indradhanush-Time-Travel-Show-90s-Kids-Favourite








