
सार
सहारनपुर में नकली सिक्के बनाने और उन्हें बाजार में खपाने वाले गिरोह को लेकर पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। गिरोह का सरगना उपकार लूथरा युवाओं को कमीशन का लालच देकर नेटवर्क से जोड़ता था। 4 हजार रुपये के नकली सिक्के बाजार में चलाने के बदले युवाओं को 400 रुपये कमीशन दिया जाता था।
विस्तार
कमीशन के लालच में युवाओं को बनाया मोहरा
सहारनपुर में नकली सिक्कों के नेटवर्क की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे गिरोह के काम करने के तरीके सामने आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह ने नकली सिक्कों को बाजार में खपाने के लिए युवाओं को अपने साथ जोड़ा था। इसके लिए उन्हें आसान कमाई का लालच दिया जाता था।
गिरोह के मुख्य आरोपित उपकार लूथरा की ओर से युवाओं को नकली सिक्कों की खेप उपलब्ध कराई जाती थी। इसके बाद उन्हें बाजार में इन सिक्कों को चलाने की जिम्मेदारी दी जाती थी। बदले में उन्हें सिक्कों की कीमत के हिसाब से कमीशन मिलता था।
4 हजार के नकली सिक्के चलाने पर 400 रुपये
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह ने युवाओं के लिए कमीशन का बाकायदा तरीका तय कर रखा था। 4 हजार रुपये के नकली सिक्के बाजार में खपाने पर 400 रुपये कमीशन दिया जाता था।
कम समय में कमाई के लालच में कई युवा गिरोह के संपर्क में आए। इसके बाद नकली सिक्कों को अलग-अलग इलाकों में पहुंचाने और बाजार में चलाने का नेटवर्क लगातार बढ़ता गया। पुलिस अब ऐसे युवाओं की भूमिका और गिरोह से उनके संबंधों की भी जांच कर रही है।
कई राज्यों में नेटवर्क फैलाने की तैयारी
पुलिस के मुताबिक गिरोह की योजना केवल सहारनपुर या आसपास के इलाकों में नकली सिक्के खपाने तक सीमित नहीं थी। आरोपित अलग-अलग राज्यों में अपना नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहे थे।
जांच में गिरोह से जुड़े ज्यादातर लोगों की उम्र करीब 30 से 40 वर्ष के बीच बताई गई है। पुलिस अब नकली सिक्कों की सप्लाई चेन और उन्हें बाजार तक पहुंचाने वाले लोगों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
सोनीपत में थी फैक्ट्री, अब तीतरो में लगाने की तैयारी
जांच में यह भी सामने आया कि उपकार लूथरा ने हरियाणा के सोनीपत जिले के राई में नकली सिक्के बनाने की फैक्ट्री लगा रखी थी। 9 सितंबर को गिरोह से जुड़े पारस नाम के एक युवक को दिल्ली पुलिस ने नकली सिक्कों के साथ गिरफ्तार किया था।
पारस के पकड़े जाने के बाद पुलिस कार्रवाई का डर बढ़ा तो उपकार लूथरा ने फैक्ट्री को वहां से हटाकर सहारनपुर के तीतरो क्षेत्र में नई जगह लगाने की तैयारी शुरू कर दी थी।
पुलिस का फोकस पूरे नेटवर्क पर
पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि नकली सिक्कों का निर्माण कहां-कहां किया जा रहा था और इन्हें किन राज्यों तथा बाजारों में पहुंचाया गया।
जांच एजेंसियों की नजर उन युवाओं पर भी है, जिन्हें कमीशन का लालच देकर नकली सिक्के बाजार में चलाने के लिए इस्तेमाल किया गया। ऐसे में आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आने की संभावना है।
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