
सार
भरत रावत | डबरा की ग्राम पंचायत विजकपुर में सहरिया आदिवासी परिवारों ने मूलभूत सुविधाओं और आवासीय पट्टे की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने एसडीएम डबरा को ज्ञापन सौंपकर पानी, बिजली, सड़क और पट्टे की समस्याओं के समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे डबरा तहसील और ग्वालियर कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
विस्तार
डबरा में ग्राम पंचायत विजकपुर के अंतर्गत रहने वाले सहरिया आदिवासी परिवारों ने मूलभूत सुविधाओं और आवासीय पट्टे की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के पदाधिकारियों के साथ ग्रामीणों ने एसडीएम डबरा को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के निराकरण की मांग की।
ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत विजकपुर में ‘भगवान बिरसा मुंडा नगर’ बसाकर करीब 245 सहरिया आदिवासी और भूमिहीन गरीब परिवार रह रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि कई परिवार मिट्टी की दीवारों और घास की छत वाली झोपड़ियों में रहकर मेहनत-मजदूरी के जरिए परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बस्ती में पीने के पानी के लिए एक भी हैंडपंप या ट्यूबवेल नहीं है। इसके चलते उन्हें सिंध नदी के पानी पर निर्भर रहना पड़ता है। ग्रामीणों ने नदी के पानी को दूषित बताते हुए इससे बीमारियों का खतरा होने की बात कही है।
बिजली की समस्या को लेकर भी ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी परेशानी रखी। उनका कहना है कि बस्ती में बिजली की व्यवस्था नहीं होने से रात के समय पूरा क्षेत्र अंधेरे में रहता है। ग्रामीणों के मुताबिक, अंधेरे के कारण सांप-बिच्छू और जंगली जानवरों के बस्ती में आने का खतरा बना रहता है।
बस्ती तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क या रास्ता नहीं होने की समस्या भी ज्ञापन में उठाई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें जंगल के रास्ते से आवागमन करना पड़ता है, जिससे रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से बस्ती में पेयजल के लिए हैंडपंप लगवाने, 25 एचपी का विद्युत ट्रांसफार्मर और बिजली के पोल लगवाने तथा सड़क निर्माण कराने की मांग की है। इसके साथ ही सरकारी योजना के तहत भू-आबादी का सर्वे कराकर पात्र परिवारों को आवासीय पट्टे उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते उनकी मांगों का निराकरण नहीं किया तो करीब 1200 सदस्य अपने परिवारों के साथ डबरा तहसील परिसर और ग्वालियर कलेक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने के लिए मजबूर होंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्वालियर ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष प्रभु दयाल जोहरे भी मौजूद रहे। अब ग्रामीणों की मांगों पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजर है।
- dabra-sahariya-tribal-protest-basic-facilities-housing-land-patta-demand








