
कुछ महीने पहले रिटायर हुईं एक प्रमोटी आईएएस मैडम अब अपने जीवन और प्रशासनिक अनुभवों को किताब के जरिए अपनी कहानी दुनिया के सामने रखने की तैयारी में हैं। मैडम एक किताब लिख रही हैं, जिसका नाम ‘The Woman Who Said No’ रखा गया है। किताब की कीमत 99 रुपए रखी गई है। खास बात यह है कि यह किताब किसी काल्पनिक किरदार पर नहीं, बल्कि खुद मैडम के अनुभवों और जीवन पर आधारित बताई जा रही है। मैडम ने आईएएस अफसरों के व्हाट्सएप ग्रुप में किताब के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया है कि उनके अनुसार किताब में एक महिला के आत्मसम्मान के साथ बिना किसी अपराधबोध के जीवन जीने का संदेश दिया गया है।
मैडम के मुताबिक किताब में उनके प्रशासनिक जीवन के अनुभवों को भी सामने रखा जा रहा है। आईएएस अफसरों के व्हाट्सएप ग्रुप में किताब के बारे में जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि इसके जरिए एक महिला के आत्मसम्मान और अपने फैसलों को लेकर दृढ़ रहने की बात सामने आती है। किताब का उद्देश्य केवल उनके अनुभवों को दर्ज करना नहीं, बल्कि उन अनुभवों से जुड़े संदेश को भी सामने रखना है। मैडम के लंबे प्रशासनिक जीवन में लिए गए फैसले, अनुभव और परिस्थितियां अब किताब के माध्यम से सामने आने वाली हैं। रिटायरमेंट के बाद अपनी कहानी को खुद लिखने का यह प्रयास अब प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
किताब का नाम ‘The Woman Who Said No’ अपने आप में भी उस सोच की ओर इशारा करता है, जिसमें महिला के अपने फैसले और आत्मसम्मान को महत्व दिया गया है। मैडम ने अपने लंबे प्रशासनिक करियर के बाद अब अपनी कहानी को किताब के जरिए दर्ज करने का रास्ता चुना है। यानी जिस मैडम ने वर्षो तक ब्यूरोक्रेसी में रहते हुए फैसले लिए, अब रिटायरमेंट के बाद अपनी कहानी का ‘ना कहना’ भी सीखने निकली हैं। किताब की कीमत 99 रुपए रखी गई है और इसे लेकर मैडम की ओर से आईएएस अफसरों के समूह में जानकारी साझा की गई है। अब देखना यह है कि किताब सामने आने के बाद उनके प्रशासनिक अनुभवों और जीवन से जुड़े पहलुओं को किस तरह पाठकों के सामने रखा जाता है।
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