
दिगौड़ा/ धर्मेंद्र सिंह लोधी: दिगौड़ा कस्बे में ड्रोन कैमरे से किए गए आबादी भूमि के सर्वे के रिकॉर्ड में कथित त्रुटियों को लेकर कस्बावासियों ने तहसीलदार को आवेदन सौंपा है। लोगों ने नाम और भूमि विवरण में सुधार होने तक स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री की प्रक्रिया रोकने की मांग की है।
नाम और जमीन के रिकॉर्ड में गलतियों का आरोप
दिगौड़ा, 16 सितंबर। दिगौड़ा कस्बे में आबादी भूमि के ड्रोन सर्वे को लेकर विवाद की स्थिति सामने आई है। कस्बावासियों ने सर्वे रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए बुधवार को तहसीलदार श्रीपत अहिरवार को आवेदन सौंपा। लोगों ने मांग की कि रिकॉर्ड की दोबारा जांच कर वास्तविक स्थिति के अनुसार सुधार कराया जाए।
कस्बावासियों के मुताबिक पिछले वर्ष ड्रोन कैमरे के माध्यम से आबादी भूमि का सर्वे कराया गया था। अब इसी सर्वे के आधार पर स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। ऐसे में रिकॉर्ड में सामने आ रही कथित गलतियों को लेकर लोगों को भविष्य में जमीन संबंधी विवाद खड़े होने की चिंता है।
किसी का नाम गलत, तो किसी का छूटा
आवेदन में कस्बावासियों ने आरोप लगाया कि सर्वे रिकॉर्ड में कई लोगों के नाम गलत दर्ज किए गए हैं। वहीं कुछ ऐसे लोगों के नाम भी कथित तौर पर दर्ज नहीं किए गए, जिनका संबंधित भूमि पर अधिकार है। कुछ मामलों में एक व्यक्ति की भूमि दूसरे व्यक्ति के हिस्से में दर्ज होने की स्थिति सामने आने की बात भी कही गई है।
लोगों का कहना है कि यदि इन गलतियों को दूर किए बिना स्वामित्व संबंधी दस्तावेज तैयार कर दिए गए तो आगे चलकर संपत्ति के अधिकार को लेकर विवाद हो सकता है।
घर-घर जानकारी नहीं लेने का भी आरोप
कस्बावासियों ने सर्वे की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सर्वे टीम ने प्रत्येक घर और भूमि की स्थिति की मौके पर जाकर जानकारी लेने के बजाय एक स्थान पर बैठकर लोगों से जानकारी जुटाई। लोगों के अनुसार इसी वजह से भूमि की वास्तविक स्थिति, माप और स्वामित्व से जुड़े विवरण में गलतियां होने की आशंका है।
कस्बावासियों ने यह भी बताया कि दिगौड़ा के कई लोग रोजगार के कारण दूसरे स्थानों पर रहते हैं। ऐसे लोगों के नाम भी कथित रूप से स्वामित्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाए हैं। आवेदन में सर्वे में बड़ी संख्या में त्रुटियां होने का दावा किया गया है। कुछ मामलों में जानबूझकर गलत स्वामित्व दर्ज किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रजिस्ट्री हुई तो बढ़ सकता है विवाद
कस्बावासियों का कहना है कि आबादी भूमि के रिकॉर्ड में सुधार किए बिना यदि स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो भविष्य में विवाद की स्थिति बन सकती है। गलत नाम या भूमि विवरण के आधार पर दस्तावेज तैयार होने पर वास्तविक दावेदारों को अपने अधिकार के लिए न्यायालय का सहारा लेना पड़ सकता है।
इसी आशंका को देखते हुए लोगों ने प्रशासन से पहले सर्वे रिकॉर्ड की जांच कराने और सभी त्रुटियों को दूर करने की मांग की है।
दोबारा जांच और सुधार की मांग
तहसीलदार को दिए आवेदन में मांग की गई है कि ड्रोन सर्वे के रिकॉर्ड की निष्पक्ष तरीके से दोबारा जांच कराई जाए। जांच पूरी होने और आवश्यक सुधार किए जाने तक मौजूदा रिकॉर्ड के आधार पर स्वामित्व योजना की रजिस्ट्री प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।
कस्बावासियों ने कहा कि वास्तविक भूस्वामियों के नाम और भूमि का सही विवरण रिकॉर्ड में दर्ज किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी तरह का भूमि विवाद पैदा न हो।
आवेदन देने वालों में जिला पंचायत सदस्य मनोहर लाल अहिरवार, छिद्दू खान, प्रेमनारायण लुहारिया, रवि सोनकिया, त्रिलोक त्रिपाठी, जयराम घोष, महेश कुशवाहा सहित अन्य कस्बावासी शामिल रहे।
- Digdora-Drone-Survey-Errors-Residents-Demand-Correction








