
शिवपुरी/ कुलदीप शर्मा: शिवपुरी के करई वेयरहाउस के पास 33 वर्षीय अर्जुन जाटव का शव मिलने के मामले में उसके पिता राजेश जाटव ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर हत्या की आशंका जताई है। पिता ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कट और चोट के निशान होने का दावा करते हुए अंकित जाटव और उसके संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है।
शिवपुरी जिले में करई वेयरहाउस के पास अर्जुन जाटव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर उसके परिजनों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है। मृतक के पिता राजेश जाटव ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर घटना को हत्या की आशंका से जोड़ते हुए पूरे मामले की जिला स्तर पर जांच कराने की मांग की है।
परिजनों के अनुसार 33 वर्षीय अर्जुन 26 अगस्त को फतेहपुर स्थित अपने घर से करईडांडा में अपनी बुआ के घर जाने के लिए निकला था। इसके बाद 28 अगस्त को परिवार को उसके मृत अवस्था में मिलने की सूचना मिली। सूचना के बाद परिवार में हड़कंप मच गया।
शरीर पर कट और चोट के निशान होने का दावा
परिजनों के मुताबिक सुरवाया थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया। अर्जुन के पिता का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर गर्दन, हाथ और पेट समेत कई स्थानों पर कट एवं चोट के निशान दर्ज किए गए हैं।
राजेश जाटव ने अपने आवेदन के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अर्जुन के मृत अवस्था में मिले शव के फोटो भी संलग्न किए हैं। इन्हीं परिस्थितियों का हवाला देते हुए उन्होंने पुलिस से मौत के कारणों की गहन जांच कराने की मांग की है।
अंकित जाटव पर जताया संदेह
शिकायत में राजेश जाटव ने फतेहपुर निवासी अंकित जाटव पुत्र शिब्बू जाटव पर संदेह जताया है। पिता के अनुसार अर्जुन पहले अंकित के साथ ग्वालियर में काम करने गया था। परिवार का यह भी कहना है कि घटना से पहले अंकित के घर के आसपास अर्जुन के आने-जाने की जानकारी मिली थी।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि घटना से पहले अर्जुन ने अपने छोटे बेटे अभिषेक गोलिया से फोन पर बातचीत की थी। पिता का दावा है कि इस बातचीत में अर्जुन ने अंकित से अपनी जान-माल को खतरा होने की बात कही थी। परिवार के पास इस बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का भी दावा किया गया है और इसे पुलिस के सामने प्रस्तुत करने की बात कही गई है।
पिता ने सहयोगियों की भूमिका की जांच की मांग की
राजेश जाटव का आरोप है कि उन्होंने पुलिस को अंकित जाटव का नाम और कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग के बारे में जानकारी दी, लेकिन अभी तक हत्या का प्रकरण दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने पुलिस से अंकित से पूछताछ करने और उसके संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि यदि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसकी भी जांच की जानी चाहिए। पिता ने आशंका जताते हुए कहा कि इतनी गंभीर घटना में अन्य लोगों की संलिप्तता की संभावना को भी जांच के दायरे में रखा जाना चाहिए।
परिवार को धमकी मिलने का भी आरोप
शिकायत में राजेश जाटव ने आरोप लगाया है कि अर्जुन की मौत के बाद अंकित जाटव की ओर से उन्हें और परिवार के अन्य सदस्यों को धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
पिता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि अर्जुन की मौत की जिला स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जाए, उपलब्ध साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच की जाए, संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जाए और यदि जांच में हत्या के साक्ष्य सामने आते हैं तो संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया जाए।
साथ ही राजेश जाटव ने अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी पुलिस अधीक्षक के सामने रखी है। फिलहाल परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच और उसके निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
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