
टीकमगढ़/ धर्मेंद्र सिंह लोधी: टीकमगढ़ में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की 61वीं वार्षिक साधारण सभा आयोजित हुई। बैठक में कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक विवेक श्रोत्रिय ने सहकारी संस्थाओं के जरिए अधिक से अधिक किसानों को सहकारी साख व्यवस्था से जोड़ने और उनके चतुर्मुखी विकास पर जोर दिया। बैंक ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 71.54 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया, जबकि आगामी वर्ष के लिए 3526.55 लाख रुपये का प्रस्तावित आय-व्यय बजट प्रस्तुत किया गया।
सहकारी संस्थाओं का उद्देश्य किसानों का कल्याण
टीकमगढ़ में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित की 61वीं वार्षिक साधारण सभा बुधवार को बैंक के प्रधान कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक विवेक श्रोत्रिय ने की।
बैठक में बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपम पाण्डेय ने वर्ष 2025-26 का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। इस दौरान बैंक की वित्तीय स्थिति, पिछले वर्ष की गतिविधियों और आगामी कार्ययोजना को लेकर जानकारी दी गई।
कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने कहा कि सहकारी बैंक और समितियों का उद्देश्य केवल आर्थिक लाभ कमाना नहीं है, बल्कि सामाजिक हित और किसानों के कल्याण के लिए भी काम करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के अधिक से अधिक किसानों को सहकारी साख संरचना से जोड़कर उनके आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए प्रयास किए जाएं।
ऋण वितरण में वित्तीय अनुशासन पर जोर
कलेक्टर ने बैंक और सहकारी समितियों को पूरी पारदर्शिता के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऋण वितरण के दौरान वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
आगामी रबी सीजन को देखते हुए किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए भंडारण और वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए ई-विकास पोर्टल के माध्यम से व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने और किसानों को गुणवत्तायुक्त ऋण उपलब्ध कराने की बात कही गई।
समितियों से नए किसानों को जोड़ने के निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों और कर्मचारियों से किसानों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने को कहा। उनका कहना है कि किसानों और सहकारी संस्थाओं के बीच बेहतर संवाद से आपसी विश्वास मजबूत होगा।
उन्होंने ऐसे किसानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जो अभी तक सहकारी समितियों के सदस्य नहीं हैं। ऐसे किसानों को समितियों से जोड़कर उन्हें सहकारी साख व्यवस्था का लाभ दिलाने पर जोर दिया गया।
एनपीए कम करने के लिए होगी लगातार समीक्षा
बैंक की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए वसूली की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने एनपीए कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने और बैंक के व्यवसाय में वृद्धि के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को सक्रियता एवं आपसी समन्वय के साथ काम करने की अपेक्षा जताई।
बैंक ने कमाया 71.54 लाख रुपये का लाभ
बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपम पाण्डेय ने बताया कि आलोच्य वर्ष में बैंक ने 71.54 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया है। उन्होंने पिछले वर्ष की तुलना में बैंक द्वारा अधिक वसूली किए जाने की जानकारी भी सभा में साझा की।
आगामी वर्ष 2027-28 के लिए 3526.55 लाख रुपये का प्रस्तावित आय-व्यय बजट भी साधारण सभा के समक्ष रखा गया।
अधिकारियों ने दिए सुझाव
सभा में उप-आयुक्त सहकारिता नैनसी रघुवंशी ने बैंक और सहकारी समितियों की आर्थिक स्थिति को और मजबूत करने को लेकर सुझाव दिए।
बैठक में उप-आयुक्त सहकारिता, बैंक की विभिन्न शाखाओं के शाखा प्रबंधक, समिति प्रशासक, समिति प्रबंधक और बैंक के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में बैंक के फील्ड प्रभारी अजय कुमार सिंघई ने बैंक प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
- tikamgarh-cooperative-bank-annual-meeting-collector-vivek-shrotriya-farmers-development








