
शिवपुरी/ कुलदीप शर्मा: शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा ने सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों को सहकारी बैंक शाखाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गबन और वित्तीय अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई, दोषियों से शत-प्रतिशत राशि की वसूली और लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने को कहा।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने बुधवार को सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में संचालित सहकारी बैंक शाखाओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और वित्तीय अनियमितताओं पर प्रभावी निगरानी के निर्देश दिए।
शाखा स्तर पर लापरवाही पर होगी जवाबदेही
कलेक्टर ने कहा कि बैंकों में गबन और वित्तीय अनियमितता के मामले बेहद गंभीर हैं। शाखा स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी समिति प्रबंधक द्वारा अनियमितता की जाती है तो संबंधित शाखा प्रबंधक इसकी निगरानी करते हुए वरिष्ठ कार्यालय को तत्काल जानकारी दें और आवश्यक कार्रवाई का प्रस्ताव भेजें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निगरानी व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित शाखा प्रबंधक की भी सीधी जवाबदेही तय की जाएगी।
किसानों और आम नागरिकों की जमा राशि पर विशेष निगरानी
कलेक्टर ने कहा कि सहकारी बैंकों में किसानों और आम नागरिकों की जमा पूंजी होती है। वित्तीय अनियमितताओं के कारण कई बार लोगों को अपनी ही जमा राशि के लिए परेशान होना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस तरह की शिकायतें जनसुनवाई के दौरान लगातार सामने आ रही हैं।
इसी को देखते हुए अधिकारियों को बैंक शाखाओं का नियमित निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने बैंकिंग कार्यप्रणाली में पारदर्शिता के साथ शिकायतों के त्वरित निराकरण पर भी जोर दिया।
दोषियों से शत-प्रतिशत वसूली के निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने वित्तीय गड़बड़ी करने वाले दोषियों से 100 प्रतिशत राशि की शीघ्र वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित व्यक्ति राशि जमा नहीं करता है तो नियमानुसार उसकी संपत्ति कुर्क कर नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाए।
इसके साथ ही उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी चेताया कि यदि किसी स्तर पर कार्य में शिथिलता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर के निर्देशों के बाद सहकारी बैंक शाखाओं में निगरानी और निरीक्षण व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ वित्तीय अनियमितताओं पर कार्रवाई की प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया गया है।
- shivpuri-cooperative-banks-transparency-collector-arpit-verma-strict-action








