
राकेश दर्दवंशी | उमरिया, 5 अक्टूबर 2026। उमरिया जिला मुख्यालय के समीप ग्राम पंचायत उफरी में 15 अगस्त 2026 के आयोजन को लेकर बूंदी की बड़ी मात्रा में खरीद का मामला चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बिलों में करीब 1 क्विंटल 20 किलो बूंदी की खरीद दिखाई जा रही है। वायरल बिल के मुताबिक, 20 किलो बूंदी का एक बिल 4,800 रुपये का है। इन बिलों को लेकर पंचायत के खर्च और सरकारी राशि के इस्तेमाल पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, वायरल बिलों की स्वतंत्र पुष्टि और भुगतान से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
हर बिल में 20 किलो बूंदी, सोशल मीडिया पर उठे सवाल
मामला ग्राम पंचायत उफरी का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बिलों के अनुसार, जय स्तंभ चौक स्थित अजय स्वीट्स से बूंदी की खरीद की गई। वायरल दस्तावेजों में प्रत्येक बिल पर 20 किलो बूंदी की मात्रा दर्ज होने का दावा किया गया है। एक बिल की राशि 4,800 रुपये बताई जा रही है।
वायरल बिलों में दर्ज मात्रा को जोड़ने पर करीब 120 किलो यानी 1 क्विंटल 20 किलो बूंदी की खरीद का दावा सामने आ रहा है। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग पंचायत स्तर पर 15 अगस्त के आयोजन के लिए इतनी बड़ी मात्रा में मिठाई खरीदने की जरूरत और इसके भुगतान को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि बूंदी किस कार्यक्रम, कितने लोगों के लिए और किस मद से खरीदी गई थी। साथ ही, बिलों का भुगतान वास्तव में पंचायत निधि से हुआ या नहीं, इसकी भी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
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जांच के बाद ही स्पष्ट होगी खर्च की वास्तविक स्थिति
वायरल बिलों को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे पंचायत में सरकारी धन के संभावित दुरुपयोग से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दस्तावेजों और भुगतान रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।
मामले में अभी तक किसी अधिकारी की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि बूंदी की खरीद किस प्रक्रिया के तहत की गई। यदि खरीद पंचायत के आधिकारिक कार्यक्रम के लिए हुई थी तो संबंधित रिकॉर्ड, स्वीकृति, बिल और भुगतान विवरण से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल इस मामले में किसी तरह की आधिकारिक शिकायत या जांच की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में वायरल बिलों के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। अब देखना होगा कि पंचायत विभाग या जिला प्रशासन इस मामले में जांच कराता है या नहीं। जांच होने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 15 अगस्त के आयोजन के लिए वास्तव में कितनी बूंदी खरीदी गई, उसका भुगतान किस मद से किया गया और खरीद प्रक्रिया नियमों के अनुरूप थी या नहीं।
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