
उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली थाना क्षेत्र में रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से कई लोग घायल हो गए। रिपोर्टर राकेश दर्दवंशी के अनुसार हादसे में छह लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में कथित अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को लेकर प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्ट में भी परसौरा गांव के पास रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने और लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है।
कमराई नाला के पास पलटी ट्रैक्टर-ट्रॉली
बताया गया है कि हादसा पाली थाना क्षेत्र के परसौरा गांव के पास कमराई नाला के आसपास हुआ। ट्रैक्टर-ट्रॉली में रेत भरी थी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
रिपोर्टर के अनुसार घायलों में रामोतिया पति बाबूलाल बैगा, उर्मिला पति रघुनाथ बैगा, आशा पिता भगवानदास, रंजीत कोल पिता डोमारी कोल, मोनू कोल और ट्रैक्टर चालक संजीत कोल शामिल हैं। हालांकि उपलब्ध स्थानीय रिपोर्ट में पांच घायलों के नाम अलग-अलग बताए गए हैं, इसलिए घायलों की अंतिम संख्या और पहचान की प्रशासनिक पुष्टि अपेक्षित है।
कथित अवैध रेत कारोबार पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर कथित अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि क्षेत्र में बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों से रेत का परिवहन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस तरह का परिवहन जारी है तो वाहनों की जांच और रेत की वैधता की नियमित निगरानी जरूरी है।
हालांकि, फिलहाल इस घटना में रेत का परिवहन वैध था या अवैध, इसकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए अवैध कारोबार से जुड़े आरोपों को जांच के बाद ही तथ्य माना जा सकता है।
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पुलिस और खनिज विभाग की कार्रवाई पर नजर
हादसे के बाद अब पुलिस और खनिज विभाग की कार्रवाई महत्वपूर्ण हो गई है। अधिकारियों को यह स्पष्ट करना होगा कि क्षेत्र में रेत परिवहन करने वाले वाहनों की कितनी जांच हुई है और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कितने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस मौके पर पहुंची थी और मामले की जांच की जा रही है।
हादसे के बाद बड़ा सवाल
रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के पलटने की घटना ने एक बार फिर परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन के सामने अब हादसे के वास्तविक कारणों की जांच के साथ यह पता लगाना भी चुनौती है कि वाहन में रेत कहां से लाई गई थी और उसके परिवहन की अनुमति थी या नहीं।
फिलहाल घायलों के उपचार और हादसे की जांच प्राथमिकता है। वहीं, कथित अवैध रेत कारोबार के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदार लोगों और अधिकारियों की भूमिका पर भी कार्रवाई की जरूरत होगी।
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