
मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर उद्योग का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में शुक्रवार, 23 अक्टूबर से इंदौर में दो दिवसीय मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 शुरू हो गई। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस समिट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश को सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित करने का विजन रखा। आयोजन में देश-विदेश की कंपनियों, निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों की भागीदारी हो रही है।
50 से ज्यादा कंपनियां दिखा रहीं तकनीक
समिट के दौरान 50 से अधिक कंपनियां अपनी तकनीक, उत्पाद और समाधान प्रदर्शित कर रही हैं। प्रदर्शनी में चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और टेस्टिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, उपकरण और अन्य उभरती तकनीकों से जुड़े उत्पाद शामिल हैं।
आयोजन का उद्देश्य केवल कंपनियों को एक मंच पर लाना नहीं, बल्कि निवेश और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाना भी है। मुख्यमंत्री निवेशकों और सेमीकंडक्टर कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ आमने-सामने बैठकें कर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं।
चिप निर्माण से एआई तक कई मुद्दों पर मंथन
दो दिवसीय समिट में सेमीकंडक्टर विनिर्माण, चिप डिजाइन, उन्नत पैकेजिंग और टेस्टिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन, अनुसंधान और कौशल विकास जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है। कार्यक्रम में आठ पैनल चर्चाएं और पांच गोलमेज बैठकें रखी गई हैं।
पहले दिन मध्य प्रदेश को उन्नत पैकेजिंग और टेस्टिंग के केंद्र के रूप में विकसित करने, चिप डिजाइन से जुड़े पारिस्थितिकी तंत्र और सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने पर जोर है। एआई के लिए जरूरी तकनीकी ढांचे, बौद्धिक संपदा और शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर भी चर्चा हो रही है।
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6200 करोड़ के प्रस्तावित निवेश पर नजर
इंदौर में हो रही इस समिट को प्रस्तावित निवेश के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक सेमीकंडक्टर क्षेत्र में करीब 6200 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश पर नजर है। इसके अलावा राज्य सरकार निवेशकों को मध्य प्रदेश की सेमीकंडक्टर नीति-2025 के तहत उपलब्ध प्रोत्साहनों की जानकारी भी दे रही है।
नीति का उद्देश्य सेमीकंडक्टर और उससे जुड़ी तकनीकी गतिविधियों के लिए निवेश आकर्षित करना है। रिपोर्टों के अनुसार नीति में पात्र निवेशकों के लिए 25 प्रतिशत सब्सिडी और 10 वर्षों तक दो रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली का प्रावधान बताया गया है।
दूसरे दिन एआई, क्वांटम तकनीक और स्टार्टअप पर फोकस
समिट के दूसरे दिन चिप तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, डिजाइन सेवाओं, अनुसंधान और कौशल विकास पर चर्चा होगी। फोटोनिक्स, क्वांटम तकनीक और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों से जुड़े विषय भी कार्यक्रम में शामिल हैं।
इसके साथ ही मध्य प्रदेश सेमीकॉन स्टार्टअप प्रतियोगिता के अंतिम चरण में चुने गए विजेताओं को समापन समारोह में सम्मानित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य उद्योग, शिक्षण संस्थानों और अनुसंधान केंद्रों के बीच सहयोग बढ़ाकर प्रदेश में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए निवेश, नवाचार और कुशल रोजगार के अवसर तैयार करना है।
इंदौर में शुरू हुई सेमीकंडक्टर समिट मध्य प्रदेश की तकनीकी और औद्योगिक महत्वाकांक्षा के लिहाज से अहम आयोजन है। अब इसकी नजर केवल निवेश प्रस्तावों पर नहीं, बल्कि इन प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने और प्रदेश में मजबूत सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने पर रहेगी।
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