
इंदौर। शहर में जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए सामाजिक संस्था अभ्यास मंडल ने शासकीय मालव कन्या विद्यालय में जल जागरूकता अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम में छात्राओं से पानी की उपयोगिता, पेड़ों के महत्व और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर संवाद किया गया। इस दौरान जल संरक्षण से जुड़े पोस्टर का लोकार्पण भी किया गया।
छात्राओं को जल संरक्षण की जिम्मेदारी समझाई
अभ्यास मंडल की सचिव डॉ. माला सिंह ठाकुर ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी देते हुए छात्राओं से जल संरक्षण के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पानी केवल दैनिक जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण संसाधन है।
कार्यक्रम में परिवार, विद्यालय और समाज के प्रति जिम्मेदारी, समय प्रबंधन और अनुशासन जैसे विषयों पर भी छात्राओं को जानकारी दी गई। छात्राओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने, स्वावलंबी बनने और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह दी गई।
पेड़ और पानी के बीच संबंध बताया
शिक्षाविद् डॉ. शंकर लाल गर्ग ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बंजर पहाड़ी भूमि को विकसित कर वहां करीब 50 हजार पेड़ लगाए जाने के प्रयास का उदाहरण दिया।
उन्होंने पेड़ों और पानी के बीच संबंध समझाते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम सात पेड़ लगाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि पेड़ बढ़ेंगे तो पर्यावरण बेहतर होगा और जल संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
यह भी पढ़े: महाकाल मंदिर में NSG की मेगा ड्रिल, 100 से ज्यादा कमांडो ने संभाला मोर्चा
‘पग-पग रोटी, डग-डग नीर’ की पहचान बचाने पर जोर
पर्यावरणविद् डॉ. ओपी जोशी ने मालवा की पहचान ‘पग-पग रोटी, डग-डग नीर’ का उल्लेख करते हुए जल संकट और पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा, पेड़ और पानी जीवन के लिए जरूरी हैं।
इंदौर में जल संरक्षण को लेकर प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं की ओर से लगातार जागरूकता गतिविधियां भी की जा रही हैं। नगर निगम ने भी स्कूलों में वर्षा जल संचयन, रिचार्ज शाफ्ट और बंद पड़े बोरवेल को रिचार्ज पिट में बदलने जैसी योजनाओं पर जोर दिया है।
अभियान का उद्देश्य सामाजिक भागीदारी बढ़ाना
अभ्यास मंडल के इस अभियान का उद्देश्य छात्राओं और समाज को जल संरक्षण तथा पौधरोपण से जोड़ना है। कार्यक्रम में प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी को व्यक्तिगत स्तर से शुरू करने पर जोर दिया गया।
इंदौर में कम बारिश के कारण जल संकट की चिंता भी सामने आ रही है। ऐसे में पानी बचाने और भूजल स्तर को बनाए रखने के लिए जनभागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह भी पढ़े: इंदौर में सेमीकंडक्टर समिट का आगाज, सीएम मोहन यादव ने निवेशकों के सामने रखा एमपी का विजन
- indore-water-conservation-campaign-school-students-abhyas-mandal








