दतिया की 14 वर्षीय मनु यादव ने जूडो में रचा इतिहास, तीन बार जीता एमपी गोल्ड

दतिया/भोपाल। दतिया जिले की 14 वर्षीय मनु यादव ने खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। ग्राम चंदवारा निवासी मनु ने राज्य स्तरीय शालेय जूडो प्रतियोगिता के 50 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने के साथ प्रदेश स्तर पर तीसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। इसके अलावा वह राष्ट्रीय स्तर की तांगता मार्शल आर्ट प्रतियोगिता में कांस्य पदक भी जीत चुकी हैं। मनु का चयन तात्या टोपे नगर खेल अकादमी, भोपाल में भी हुआ है, जहां वह प्रशिक्षण ले रही हैं।

पहले ही ट्रायल में तात्या टोपे अकादमी में चयन

मनु यादव ने कम उम्र में ही खेल के क्षेत्र में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी। उनके प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन भोपाल की तात्या टोपे नगर खेल अकादमी में हुआ। बताया गया कि प्रदेशभर से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। मनु ने पहले ही ट्रायल में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया।

अकादमी में चयन के बाद उनकी नियमित ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं की तैयारी जारी है। अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में मनु जूडो की तकनीक, फिटनेस और मुकाबले की रणनीति पर काम कर रही हैं। उनका लक्ष्य आने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करना है।

जूडो में तीन बार गोल्ड, तांगता में कांस्य

मनु की उपलब्धियों की खास बात यह है कि उन्होंने अलग-अलग खेल विधाओं में पदक हासिल किए हैं। जूडो में वह मध्यप्रदेश स्तर पर तीन बार स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। इसके साथ ही दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की तांगता मार्शल आर्ट प्रतियोगिता में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया।

तांगता मणिपुर की पारंपरिक मार्शल आर्ट विधा है। इसमें युद्ध कौशल और हथियारों से जुड़े पारंपरिक प्रशिक्षण को भी शामिल किया जाता है। राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना मनु के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

यह भी पढ़े: भोपाल ISBT में भीषण आग, वर्मा ट्रेवल्स की कई बसें जलकर खाक

कलेक्टर और एसपी कर चुके हैं सम्मानित

मनु की खेल उपलब्धियों को देखते हुए दतिया जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से भी उन्हें सम्मानित किया गया है। उनके पिता चंद्रशेखर यादव बब्लू के मुताबिक, कलेक्टर और एसपी सहित कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने मनु का उत्साह बढ़ाया है।

परिवार का कहना है कि मनु बचपन से ही खेल के प्रति गंभीर रही हैं। पढ़ाई के साथ नियमित अभ्यास और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से उनका आत्मविश्वास लगातार बढ़ा है।

ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना सपना

मनु का लक्ष्य अब राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर आगे बढ़ना है। इसके बाद वह इंडिया कैंप में जगह बनाकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं। उनका सपना भविष्य में ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना है।

मनु के पिता चंद्रशेखर यादव ने बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। उन्होंने कहा कि मनु जिस तरह मेहनत कर रही है, उससे उन्हें उम्मीद है कि वह भविष्य में देश के लिए खेलेगी। जन्मदिन के अवसर पर परिवार ने पीतांबरा माई से मनु के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

दतिया की मनु यादव की कहानी छोटी उम्र में मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण की मिसाल पेश करती है। अब उनकी नजर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी उपलब्धि हासिल करने पर है।

  • datia-manu-yadav-judo-three-time-mp-gold-tatya-tope-academy
Srota Swati Tripathy

Srota Swati Tripathy

Related Posts

जंतर-मंतर प्रदर्शन मामला: क्राइम ब्रांच पहुंचें सौरभ दास और आशुतोष रांका

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले…

मैहर में युवा मोर्चा की रैलियों से संगठन और सत्ता के बीच दूरी की चर्चा

मैहर। भारतीय जनता युवा मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष…

You Missed

Ultraviolette का AI स्मार्ट हेलमेट लॉन्च! हाई-टेक फीचर्स और फ्यूचरिस्टिक लुक ने खींचा सबका ध्यान

Ultraviolette का AI स्मार्ट हेलमेट लॉन्च! हाई-टेक फीचर्स और फ्यूचरिस्टिक लुक ने खींचा सबका ध्यान

शिवराज सिंह चौहान की मां काशी बाई का निधन, जैत में आज अंतिम संस्कार

शिवराज सिंह चौहान की मां काशी बाई का निधन, जैत में आज अंतिम संस्कार

चक्रवात अर्नब कमजोर, बंगाल की खाड़ी में फिर बन रहा नया सिस्टम, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

चक्रवात अर्नब कमजोर, बंगाल की खाड़ी में फिर बन रहा नया सिस्टम, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

MP Travel Mart 2026 में पर्यटन को बड़ा निवेश, 3,700 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव

MP Travel Mart 2026 में पर्यटन को बड़ा निवेश, 3,700 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव

हैरी केन ने जीता बैलन डी’ओर 2026, 25 साल बाद इंग्लैंड का कमाल

हैरी केन ने जीता बैलन डी’ओर 2026, 25 साल बाद इंग्लैंड का कमाल