
उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर परिक्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। महामन बीट में खेत की मेड़ के पास एक चीतल मृत मिला। प्रारंभिक जांच में खेत के चारों ओर लगी जीआई तार की फेंसिंग में विद्युत कनेक्शन मिलने की बात सामने आई है। वन विभाग को आशंका है कि करंट की चपेट में आने से चीतल की मौत हुई। हालांकि, शिकार की मंशा और इस घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका अभी स्पष्ट नहीं है।
रात की गश्त में खेत की मेड़ के पास मिला मृत चीतल
जानकारी के अनुसार, 24 अक्टूबर की रात नियमित गश्ती के दौरान बीट परासी के कक्ष क्रमांक पी-114 से लगे महामन गांव के राजस्व क्षेत्र में चीतल मृत अवस्था में मिला। अंधेरा होने के कारण वन अमले ने अगले दिन घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया।
जांच के दौरान खेत के चारों ओर चार परतों में जीआई तार की फेंसिंग मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, इस फेंसिंग को घरेलू विद्युत कनेक्शन से जोड़े जाने के प्रारंभिक साक्ष्य मिले हैं। ऐसे में वन विभाग ने करंट लगने को चीतल की मौत का संभावित कारण माना है।
खेत की फेंसिंग में करंट कैसे पहुंचा, जांच जारी
वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि खेत किसका है और फेंसिंग में विद्युत प्रवाह किसने जोड़ा था। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, अभी जांच शुरुआती चरण में है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि तार में करंट जानबूझकर वन्यजीवों को रोकने के लिए प्रवाहित किया गया था या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
मृत चीतल का नियमानुसार परीक्षण और पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद वन विभाग की मौजूदगी में शवदाह की कार्रवाई की गई। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात विभाग ने कही है।
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कुछ दिन पहले नीलगाय की मौत में दो गिरफ्तारियां
धमोखर परिक्षेत्र में यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब इसी सप्ताह बसकुटा बीट के झिरिया हार क्षेत्र में नीलगाय की संदिग्ध मौत के मामले में वन विभाग ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
लगातार सामने आ रही वन्यजीवों की मौत की घटनाओं ने जंगल से लगे राजस्व क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। खासकर खेतों में वन्यजीवों को रोकने के लिए लगाए जाने वाले तारों में अवैध रूप से बिजली प्रवाहित किए जाने की आशंका गंभीर चिंता का विषय है।
वन्यजीव सुरक्षा पर उठे सवाल
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बीच वन्यजीवों की आवाजाही होती रहती है। ऐसे में खेतों की सुरक्षा के लिए लगाए गए किसी भी विद्युत तार से वन्यजीवों के साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। फिलहाल वन विभाग घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रहा है। खेत मालिक और विद्युत कनेक्शन से जुड़े व्यक्ति की पहचान होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। जिम्मेदार व्यक्ति सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महामन बीट में चीतल की मौत ने बांधवगढ़ के आसपास वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि फेंसिंग में करंट कैसे पहुंचा और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
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