
बुरहानपुर| जिले में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई की है। अलसुबह ग्राम जैनाबाद, बलवाड़ टेकरी और आहूखाना क्षेत्र में की गई छापेमारी के दौरान टीम ने 115 लीटर कच्ची हाथ भट्टी शराब और करीब 2000 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया। कार्रवाई में ड्रोन कैमरे की मदद से नदी, खेतों और नालों के आसपास अवैध शराब से जुड़े ठिकानों की तलाश की गई। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 25 हजार रुपये बताई गई है। मामले में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) के तहत छह प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
ड्रोन से हुई खेतों और ताप्ती नदी किनारे सर्चिंग
अवैध शराब के खिलाफ चलाए गए अभियान में टीम ने पारंपरिक सर्चिंग के साथ ड्रोन कैमरे का भी इस्तेमाल किया। अधिकारियों के अनुसार, ताप्ती नदी के आसपास, खेतों में फसलों के बीच और नालों के किनारे कुछ स्थानों पर शराब बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री छिपाकर रखी गई थी।
ड्रोन से इलाके की निगरानी करने के बाद संदिग्ध स्थानों को चिन्हित किया गया। इसके बाद पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी ली। इस दौरान कच्ची हाथ भट्टी शराब और बड़ी मात्रा में महुआ लाहन बरामद किया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, ग्रामीण और नदी किनारे के ऐसे क्षेत्र जहां सामान्य तौर पर पहुंचना मुश्किल होता है, वहां ड्रोन की मदद से सर्चिंग करने में टीम को सहूलियत मिली।
115 लीटर शराब और 2000 किलो महुआ लाहन जब्त
कार्रवाई के दौरान टीम ने कुल 115 लीटर कच्ची हाथ भट्टी मदिरा जब्त की। इसके अलावा करीब 2000 किलोग्राम महुआ लाहन भी बरामद किया गया। महुआ लाहन का इस्तेमाल कच्ची शराब तैयार करने की प्रक्रिया में किया जाता है।
विभाग के अनुसार, जब्त शराब और अन्य सामग्री का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 2.25 लाख रुपये है। कार्रवाई के बाद बरामद सामग्री को जब्त कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
अवैध शराब के निर्माण और भंडारण के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य शराब बनाने और उसकी अवैध बिक्री से जुड़े नेटवर्क पर रोक लगाना है।
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छह प्रकरण दर्ज, आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई
संयुक्त कार्रवाई के दौरान आबकारी विभाग ने मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) के तहत छह प्रकरण दर्ज किए हैं। विभाग की ओर से मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
धारा 34(1) के तहत अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण और संबंधित गतिविधियों के मामलों में कार्रवाई की जाती है। इस मामले में जब्त सामग्री और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण और विक्रय के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
अधिकारियों के निर्देशन में चला संयुक्त अभियान
यह कार्रवाई कलेक्टर विवेक कुमार, पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी और जिला आबकारी अधिकारी पार्थ सारथी शर्मा के निर्देशन में की गई।
अभियान में नगर पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह कुशवाह, सहायक जिला आबकारी अधिकारी मुकेश गौर और शिकारपुरा थाना प्रभारी संदीप चौरसिया के नेतृत्व में पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम शामिल रही।
कार्रवाई में आबकारी उप निरीक्षक शेर सिंह मोरे, केतन भाबर सहित पुलिस और आबकारी विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे।
अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी रखने का दावा
बुरहानपुर में ताप्ती नदी और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े इलाकों में अवैध शराब के खिलाफ की गई इस कार्रवाई के बाद विभाग ने अभियान को आगे भी जारी रखने की बात कही है। अधिकारियों के मुताबिक, शराब के अवैध निर्माण, संग्रहण और बिक्री से जुड़े स्थानों की पहचान कर लगातार कार्रवाई की जाएगी।
ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल से दुर्गम और छिपे हुए स्थानों की निगरानी करने में पुलिस और आबकारी विभाग को मदद मिल रही है। आने वाले दिनों में भी ऐसे इलाकों में सर्चिंग और छापेमारी की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।
बुरहानपुर में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 115 लीटर कच्ची शराब और 2000 किलो महुआ लाहन जब्त किया गया है। ड्रोन की मदद से ताप्ती नदी, खेतों और नालों के आसपास सर्चिंग की गई। मामले में छह प्रकरण दर्ज किए गए हैं और विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात कही है।








