
बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर संजय गुप्ता का 30 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया। वह 57 साल के थे। ‘कांटे’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘शूटआउट एट वडाला’ और ‘काबिल’ जैसी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाने वाले संजय गुप्ता के अचानक निधन से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद कलाकारों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
संजय गुप्ता घर पर गिरने से सिर में लगी चोट
संजय गुप्ता की मौत की वजह सिर में लगी चोट बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, वह घर में गिर गए थे, जिसके बाद उनके सिर में गंभीर चोट आई। इसके बाद उनका निधन हो गया। घटना की परिस्थितियों को लेकर फिलहाल ज्यादा विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
उनके निधन की खबर ने उनके परिवार, दोस्तों और फिल्म इंडस्ट्री को झकझोर दिया है। संजय गुप्ता लंबे समय से हिंदी सिनेमा का हिस्सा थे और अपनी खास फिल्ममेकिंग शैली के लिए जाने जाते थे।
‘आतिश’ से शुरू हुआ था फिल्मी सफर
संजय गुप्ता ने साल 1994 में ‘आतिश: फील द फायर’ से बतौर निर्देशक अपने करियर की शुरुआत की थी। फिल्म में संजय दत्त और आदित्य पंचोली मुख्य भूमिकाओं में थे। इसके बाद उन्होंने एक्शन, क्राइम और अंडरवर्ल्ड की कहानियों को अपने खास अंदाज में पर्दे पर पेश किया।
उनकी फिल्मों में स्टाइलिश विजुअल्स, दमदार एक्शन और तेज-तर्रार संवाद उनकी पहचान बने। कई दशकों के करियर में उन्होंने निर्देशन के साथ लेखन और निर्माण में भी काम किया।
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‘कांटे’ और ‘काबिल’ ने दिलाई खास पहचान
संजय गुप्ता की सबसे चर्चित फिल्मों में ‘कांटे’ शामिल है। साल 2002 में आई इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर और लकी अली जैसे कलाकार नजर आए थे। फिल्म को उनके करियर की अहम फिल्मों में गिना जाता है।
इसके बाद उन्होंने ‘जिंदा’, ‘मुसाफिर’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘जज्बा’, ‘काबिल’ और ‘मुंबई सागा’ जैसी फिल्मों पर काम किया। ऋतिक रोशन और यामी गौतम स्टारर ‘काबिल’ भी उनके चर्चित निर्देशन कार्यों में शामिल रही।
निर्माता के तौर पर भी बनाई पहचान
संजय गुप्ता ने केवल निर्देशन तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने प्रोडक्शन और स्क्रीनराइटिंग में भी काम किया। साल 2001 में उन्होंने White Feather Films नाम से अपना प्रोडक्शन बैनर शुरू किया था।
उनके बाद के प्रोजेक्ट्स में ‘विस्फोट’ और ‘द मिरांडा ब्रदर्स’ जैसी फिल्में शामिल रहीं। उनका करियर कई दशकों तक चला और इस दौरान उन्होंने हिंदी सिनेमा में क्राइम और एक्शन फिल्मों की एक अलग शैली को मजबूत किया।
संजय गुप्ता के निधन से बॉलीवुड ने एक ऐसे फिल्ममेकर को खो दिया, जिसने क्राइम, एक्शन और अंडरवर्ल्ड की कहानियों को अपनी अलग शैली में पर्दे पर उतारा। ‘कांटे’ से लेकर ‘काबिल’ तक उनका काम दर्शकों के बीच लंबे समय तक याद किया जाएगा।








