
मिस्टर कूल के नाम से पहचाने जाने वाले सचिव स्तर के एक आईएएस इन दिनों अपने ही विभाग के संचालक से खासे नाराज चल रहे हैं। मामला विभागीय कामकाज में ढिलाई का है। संचालक साहब प्रमोटी आईएएस हैं और सचिव साहब उन्हें कई बार साफ-साफ समझा चुके हैं कि जो टास्क दिए गए हैं, उन्हें समयसीमा में पूरा किया जाए। लेकिन समझाइश का असर संचालक साहब पर होता नजर नहीं आया। हर बार काम की प्रगति पूछने पर कोई न कोई पेंच सामने आ जाता। आखिरकार पिछले दिनों सचिव साहब का सब्र जवाब दे गया। उन्होंने विभाग के व्हाट्सएप ग्रुप में ही संचालक साहब को सार्वजनिक रूप से आड़े हाथों लिया। संदेश में साफ लिखा कि आपको जो काम सौंपा गया था, उसमें कोई प्रगति दिखाई नहीं दे रही है। अब आप खुद टेबल-टेबल पर जाकर उस काम की फाइल पास करवाएं।
सचिव साहब का यह संदेश पूरे विभाग में चर्चा का विषय बन गया। अब तक शांत रहने वाले साहब ने इस बार ग्रुप में ही ऐसी क्लास लगा दी कि संचालक साहब को जवाब देते नहीं बना। उधर, संचालक साहब की अपनी अलग परेशानी है। वे अपने करीबी लोगों से कहते फिर रहे हैं कि क्या अब एक बाबू के हिस्से का काम भी आईएएस अधिकारियों को ही करना पड़ेगा? यानी सचिव साहब को काम पूरा चाहिए और संचालक साहब को लगता है कि फाइलों के पीछे भागना उनके पद की गरिमा के खिलाफ है। विभागीय कामकाज में समयसीमा का पालन नहीं होने से सचिव साहब की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही थी।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद विभाग के अंदर अधिकारियों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। एक तरफ सचिव साहब विभागीय काम को समयसीमा में पूरा कराने पर जोर दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ संचालक साहब अपनी जिम्मेदारी और पद की गरिमा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। सचिव साहब का संदेश इस बात का संकेत है कि विभागीय कामकाज में ढिलाई को अब नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। फिलहाल सचिव और संचालक के बीच यह विवाद विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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