
आमतौर पर बेहद शांत और कूल रहने वाले सीधे भर्ती के एक आईएएस अफसर को पिछले दिनों ऐसा रौद्र रूप देखने को मिला कि जिले के अफसर और कर्मचारी भी हैरान रह गए। कलेक्टर साहब एक मंडी सचिव पर इतने नाराज हो गए कि उसे सरकारी जीप में ही बैठाकर रखने के निर्देश दे दिए। दरअसल, साहब पिछले दिनों जिला मुख्यालय स्थित प्रदेश की सबसे बड़ी मंडियों में शुमार एक कृषि उपज मंडी का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंडी सचिव से रोजाना आने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और फसलों की आवक समेत कुछ जानकारियां मांग लीं। लेकिन सचिव महोदय किसी भी सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। बस फिर क्या था, हमेशा शांत रहने वाले कलेक्टर साहब का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
पहले तो उन्होंने सचिव को जमकर फटकार लगाई। इसके बाद मौके पर मौजूद तहसीलदार को निर्देश दे दिए कि सचिव को उसकी सरकारी जीप में ही बैठाकर रखा जाए। जब तक वह मांगी गई सारी जानकारी तैयार नहीं कर लेता, तब तक उसे मंडी से जाने नहीं दिया जाए। कलेक्टर साहब का यह अंदाज देखकर वहां मौजूद अधिकारी भी सन्न रह गए। अब पूरे जिले में साहब के इस बदले हुए मिजाज के खूब किस्से सुनाए जा रहे हैं। खासकर वे अफसर ज्यादा सतर्क हो गए हैं, जो अब तक साहब के शांत स्वभाव को उनकी नरमी समझकर बिना तैयारी के बैठकों और निरीक्षण में पहुंच जाते थे। मंडी सचिव के साथ हुई इस घटना ने अधिकारियों के बीच चर्चा को और बढ़ा दिया है।
कलेक्टर साहब के इस रुख के बाद जिले के अधिकारियों को भी यह समझ आने लगा है कि निरीक्षण के दौरान मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध कराना कितना जरूरी है। मंडी सचिव से रोजाना आने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और फसलों की आवक से जुड़ी जानकारी मांगी गई थी, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कलेक्टर साहब नाराज हो गए। इसके बाद उन्होंने तहसीलदार को सचिव को सरकारी जीप में बैठाकर रखने का निर्देश दिया। फिलहाल कलेक्टर साहब के इस बदले हुए मिजाज की चर्चा जिले में खूब हो रही है और अधिकारी भी अब पहले से ज्यादा सतर्क दिखाई दे रहे हैं।
- collector-mandi-secretary-jeep-auditing








