
ईरान में पढ़ाई के लिए गए कई भारतीय छात्र गंभीर संकट में फंस गए हैं। छात्रों और उनके परिवारों का कहना है कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि पैसे खत्म हो गए हैं और वे हॉस्टल से बाहर भी नहीं निकल पा रहे। कुछ छात्रों के पास खाने तक के पैसे नहीं बचे हैं।
परिजनों का आरोप है कि बच्चे चावल और रोजमर्रा की जरूरत का सामान भी नहीं खरीद पा रहे। ईरान में बढ़े तनाव और सीमित संसाधनों के कारण छात्रों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। परिवारों ने बताया कि बच्चों से फोन पर बात करते समय हालात सुनकर वे बेहद परेशान हैं।
छात्रों के मुताबिक, भारत लौटने के लिए उनसे खुद टिकट खरीदने को कहा जा रहा है, जबकि मौजूदा हालात में उनके लिए यह संभव नहीं है। कई छात्रों के पास न तो बैंकिंग सुविधा काम कर रही है और न ही अतिरिक्त फंड उपलब्ध हैं।
परिजनों ने भारत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और सुरक्षित वापसी की मांग की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ शिक्षा का मामला नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। फिलहाल छात्र हॉस्टल तक सीमित हैं और मदद का इंतजार कर रहे हैं।









