
क्वेटा: बलूचिस्तान में मानवाधिकार स्थिति को लेकर एक बार फिर गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने दावा किया है कि पाकिस्तान की सुरक्षा बलों की ओर से एक आम नागरिक की बिना कानूनी प्रक्रिया के हत्या की गई है, जबकि दो अन्य लोगों को जबरन गायब कर दिया गया है।
मानवाधिकार संगठन “पांक” (बलूच नेशनल मूवमेंट का मानवाधिकार विभाग) के अनुसार, 19 वर्षीय ड्राइवर बुहरान उद्दीन का शव तुर्बत क्षेत्र (केच जिला) में मिला है। संगठन का कहना है कि बुहरान को 28 अक्टूबर 2025 को उनके घर से कथित तौर पर सुरक्षा बलों द्वारा उठाया गया था और वह पिछले लगभग छह महीने से लापता थे। उनके शरीर पर गंभीर यातना के निशान पाए गए हैं।
संगठन ने आरोप लगाया है कि उन्हें किसी भी कानूनी प्रक्रिया, अदालत में पेशी या अधिकारिक हिरासत के बिना रखा गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। परिवार ने कई महीनों तक उनकी सुरक्षित वापसी की मांग की थी, लेकिन कोई जानकारी नहीं दी गई। मानवाधिकार संगठन ने यह भी दावा किया है कि इसी अवधि में दो अन्य नागरिकों को भी जबरन गायब किया गया है, जिससे क्षेत्र में “एन्फोर्स्ड डिसअपीयरेंस” की घटनाओं को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
बलूचिस्तान मानवाधिकार परिषद ने भी इन घटनाओं पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा है कि प्रांत में जबरन गायब किए जाने और बिना मुकदमे के हत्याओं के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे कानून के शासन और मानवाधिकार सुरक्षा पर सवाल उठते हैं।
संस्थाओं ने आरोप लगाया है कि कई मामलों में हिरासत के बाद लोगों को अदालत में पेश नहीं किया जाता और बाद में उनके शव बरामद होते हैं, जो “गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन” की ओर संकेत करता है। मानवाधिकार संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है।
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