Silver Price Surge – एक हफ्ते में ₹39,082 की बढ़त

घरेलू सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों ने इस हफ्ते रिकॉर्ड तेजी दर्ज की है। बीते एक सप्ताह में चांदी के भाव ₹39,082 बढ़कर ₹2.82 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गए हैं। यह उछाल निवेशकों और कारोबारियों दोनों के लिए चौंकाने वाला माना जा रहा है, क्योंकि इतनी तेज बढ़त कम समय में देखने को नहीं मिलती।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे वैश्विक बाजारों में मजबूत मांग, डॉलर में उतार-चढ़ाव और औद्योगिक उपयोग में बढ़ोतरी जैसे कई कारण हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में चांदी की खपत बढ़ने से इसकी मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।

इसके अलावा, महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे माहौल में सोने के साथ-साथ चांदी भी निवेश का पसंदीदा साधन बनती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे, तो चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव के साथ मजबूती देखने को मिल सकती है।

 

सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि कीमतों में इस उछाल का असर ज्वेलरी और सिक्का बाजार पर भी पड़ रहा है। ऊंचे दामों के कारण खरीदारी में कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन निवेश के लिहाज से चांदी में दिलचस्पी बनी हुई है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर निर्भर करेगी।

  • Gaurav Singh

    Gaurav Singh

    Related Posts

    Gold, Silver Rate Today: MCX पर सोना-चांदी में गिरावट, जानिए आगे कैसा रह सकता है बाजार का रुख

    कमोडिटी बाजार में बुधवार को सोना और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई।…

    आगे पढ़ें
    दलाल स्ट्रीट का ‘रक्तपात’, आम आदमी की बचत पर ‘बुलडोजर’ या सुनहरे कल की आहट?

    नई दिल्ली/मुंबई | भारतीय शेयर बाजार इस वक्त एक ऐसे दोराहे पर खड़ा है जहां एक…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    उज्जैन में 3-5 अप्रैल 2026 को होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ – मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव भी होंगे शामिल

    उज्जैन में 3-5 अप्रैल 2026 को होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ – मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव भी होंगे शामिल

    ₹20,000 करोड़ MFI क्रेडिट गारंटी योजना का असर: NBFC-MFI सेक्टर को राहत या सीमित फायदा?

    ₹20,000 करोड़ MFI क्रेडिट गारंटी योजना का असर: NBFC-MFI सेक्टर को राहत या सीमित फायदा?

    बंगाल का रण और चुनाव आयोग के फैसले: क्या अधिकारियों के तबादले तय करेंगे सत्ता का भविष्य?

    बंगाल का रण और चुनाव आयोग के फैसले: क्या अधिकारियों के तबादले तय करेंगे सत्ता का भविष्य?

    राजनीति के ‘शिखर’ और जनसेवा के ‘पर्याय’: क्या अपनों की ही घेराबंदी का शिकार हो रहे हैं जननायक संजय पाठक?

    राजनीति के ‘शिखर’ और जनसेवा के ‘पर्याय’: क्या अपनों की ही घेराबंदी का शिकार हो रहे हैं जननायक संजय पाठक?

    ‘मुखिया’ की पसंद भी ठुकराई, ADG साहब की नज़र अब दिल्ली के दरबार पर

    ‘मुखिया’ की पसंद भी ठुकराई, ADG साहब की नज़र अब दिल्ली के दरबार पर