
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजराइल की संसद द्वारा दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत-इजराइल के गहरे होते रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है। सम्मान समारोह के दौरान पीएम मोदी ने हमास के हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ इजराइल के साथ खड़ा है और उसके लोगों के दर्द को गहराई से समझता है।
अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि आतंकवाद मानवता का साझा दुश्मन है और निर्दोष नागरिकों पर हमले किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकते। उन्होंने भारत और इजराइल के बीच सुरक्षा, तकनीक और नवाचार सहयोग को भविष्य की वैश्विक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बताया। मोदी ने यह भी कहा कि दोनों देशों के रिश्ते लोकतांत्रिक मूल्यों और साझा सुरक्षा चिंताओं पर आधारित हैं।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मोदी की नेतृत्व क्षमता और वैश्विक प्रभाव की सराहना करते हुए उन्हें “एशिया का शेर” बताया। नेतन्याहू ने कहा कि भारत और इजराइल के बीच मित्रता सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं, बल्कि विश्वास और साझेदारी पर आधारित है। उन्होंने रक्षा, कृषि तकनीक, साइबर सुरक्षा और नवाचार में सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह सम्मान और संयुक्त संदेश पश्चिम एशिया की बदलती भू-राजनीति में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। भारत-इजराइल संबंधों में हाल के वर्षों में रक्षा और तकनीकी सहयोग तेजी से बढ़ा है, और यह दौरा उस साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस सम्मान से भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति को भी नई मजबूती मिलने की संभावना है।









