असम में हिमंत बिस्वा सरमा सरकार 2.0 का आगाज: प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, कैबिनेट में क्षेत्रीय संतुलन पर जोर

गुवाहाटी/असम: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्वोत्तर के कद्दावर रणनीतिकार हिमंत बिस्वा सरमा ने आज मंगलवार को गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरनरी कॉलेज मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जिसके साथ ही सरमा असम के इतिहास में लगातार दो बार मुख्यमंत्री बनने वाले पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन गए हैं।

शपथ ग्रहण समारोह में एनडीए के शीर्ष नेतृत्व मौजूद

इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सहित एनडीए शासित 22 राज्यों के मुख्यमंत्री और कई दिग्गज नेता उपस्थित रहे। शपथ ग्रहण समारोह में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग एक लाख से अधिक लोग और असम के 15 प्रतिष्ठित सत्रों के सत्राधिकारी भी शामिल हुए जिससे यह आयोजन एक उत्सव में बदल गया।

किस – किस को मिली नए मंत्रिमंडल में जगह

मुख्यमंत्री सरमा के साथ उनके नए मंत्रिमंडल के चार प्रमुख सदस्यों ने भी शपथ ली जिनमें भाजपा की वरिष्ठ नेता और राज्य की पहली महिला वित्त मंत्री रहीं अजंता नेओग, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रामेश्वर तेली, असम गण परिषद के अध्यक्ष अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के नेता चरण बोरो शामिल हैं। इन मंत्रियों का चयन राज्य के विभिन्न समुदायों और गठबंधन सहयोगियों के बीच संतुलन को दर्शाता है।

असम में विकसित राज्य बनाना हमारा लक्ष्य

विशेष रूप से रामेश्वर तेली के आने से चाय जनजाति समुदाय और चरण बोरो के शामिल होने से बोडोलैंड क्षेत्र में एनडीए की पकड़ और मजबूत होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने शपथ के बाद संकेत दिया कि पिछली सरकार के काम तो केवल एक शुरुआत थे और इस नए कार्यकाल में विकास की गति को और तेज करते हुए असम को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाएगा।

राजनीतिक रूप से यह जीत भाजपा और एनडीए के लिए मील का पत्थर साबित हुई है क्योंकि गठबंधन ने 126 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटों का भारी बहुमत हासिल किया है जिसमें भाजपा ने अकेले 82 सीटें जीतकर अपनी ताकत साबित की है। विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने न केवल विपक्षी गठबंधन ‘असम सम्मिलित मोर्चा’ को बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया बल्कि कांग्रेस को भी उसके सबसे कम सीटों के रिकॉर्ड पर समेट दिया।

हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी जालुकबारी सीट से लगभग 89,000 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज कर अपनी लोकप्रियता का लोहा मनवाया है। अब नई सरकार के सामने अपने चुनावी संकल्पों को पूरा करने और राज्य की बुनियादी संरचना के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

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    Rashel Kachwah Rajput

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