
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजस्थान के जैसलमेर एयरबेस पर स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ में ऐतिहासिक उड़ान भरकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह पहली बार है जब किसी भारतीय राष्ट्रपति ने स्वदेश में विकसित अटैक हेलिकॉप्टर में सॉर्टी की। यह उड़ान भारतीय वायुसेना के बड़े युद्धाभ्यास वायु शक्ति 2026 से पहले की गई, जिसमें राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
इस उड़ान के दौरान राष्ट्रपति को-पायलट सीट पर बैठाया गया और उन्होंने करीब 25 मिनट तक हवा में रहकर अभ्यास क्षेत्र का अवलोकन किया। ‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टर भारत में विकसित पहला समर्पित अटैक हेलिकॉप्टर है, जिसे ऊंचाई वाले और कठिन इलाकों में युद्ध संचालन के लिए बनाया गया है। इस उड़ान को भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता और स्वदेशी सैन्य तकनीक पर भरोसे के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्रपति पहले भी फ्रंटलाइन सैन्य प्लेटफॉर्म का अनुभव ले चुकी हैं। अक्टूबर 2025 में उन्होंने राफेल फाइटर जेट में उड़ान भरी थी और उससे पहले सुखोई-30 एमकेआई में भी सॉर्टी की थी। ‘प्रचंड’ में उड़ान के साथ वे अलग-अलग युद्धक विमानों में उड़ान भरने वाली चुनिंदा वैश्विक नेताओं में शामिल हो गई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि सामरिक संदेश भी देता है। इससे सैनिकों का मनोबल बढ़ता है और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं को राजनीतिक-रणनीतिक समर्थन का संकेत मिलता है। सीमा क्षेत्र के पास आयोजित ‘वायु शक्ति’ जैसे अभ्यास में राष्ट्रपति की मौजूदगी भारत की सैन्य तैयारी और स्वदेशी क्षमता का प्रदर्शन भी मानी जा रही है।









