
आज 25 अगस्त 2026, मंगलवार को सावन का अंतिम मंगला गौरी व्रत और भौम प्रदोष व्रत का विशेष संयोग बन रहा है। मंगला गौरी व्रत माता पार्वती को समर्पित है, जबकि प्रदोष व्रत भगवान शिव की आराधना के लिए रखा जाता है।
आज का पंचांग
पंचांग के अनुसार आज श्रावण शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि सुबह करीब 6:21 बजे तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होगी। चंद्रमा मकर राशि में रहेगा और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। सुबह आयुष्मान योग के बाद सौभाग्य योग बनने की जानकारी दी गई है।
मंगला गौरी और भौम प्रदोष का संयोग
सावन के मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखने की परंपरा है। वहीं मंगलवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत भौम प्रदोष कहलाता है। इस बार दोनों व्रत एक ही दिन पड़ रहे हैं, जिससे धार्मिक दृष्टि से दिन का महत्व और बढ़ गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करने से सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।
राहुकाल का समय
25 अगस्त को राहुकाल के समय को लेकर प्रकाशित पंचांगों में स्थान के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। एक प्रमुख पंचांग के अनुसार दोपहर 3:00 बजे से शाम 4:30 बजे तक राहुकाल रहेगा, जबकि अन्य स्थान-आधारित गणनाओं में अलग समय दिया गया है। इसलिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना बेहतर रहेगा।
पूजा के लिए विशेष दिन
आज भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और प्रदोष काल में पूजा करना विशेष माना जाता है। मंगला गौरी व्रत में माता पार्वती की पूजा की जाती है। श्रद्धालु व्रत और पूजा के माध्यम से परिवार की सुख-समृद्धि, वैवाहिक जीवन में मंगल और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं।
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