
मैहर/ देवेश शर्मा: आम आदमी पार्टी के मैहर जिला विधि प्रकोष्ठ अध्यक्ष एवं अधिवक्ता आनंद श्रीवास्तव ने देश के प्रमुख धार्मिक संस्थानों में दान राशि के प्रबंधन और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं और चोरी की घटनाएं श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।
वित्तीय गड़बड़ी या दान राशि के दुरुपयोग के आरोप
आनंद श्रीवास्तव ने कहा कि श्रद्धालु मंदिरों और धार्मिक संस्थानों में इस विश्वास के साथ दान करते हैं कि उसका उपयोग धर्म, जनकल्याण और सेवा कार्यों में होगा। ऐसे में यदि किसी संस्था में वित्तीय गड़बड़ी या दान राशि के दुरुपयोग के आरोप सामने आते हैं और जांच में सही पाए जाते हैं, तो इससे संस्था की साख के साथ-साथ लोगों का भरोसा भी प्रभावित होता है।
निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता
उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और नियमित निगरानी से इस तरह की अनियमितताओं की आशंका को कम किया जा सकता है।
मंदिर परिसर से जुड़े अन्य विवादों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग
इस दौरान उन्होंने मैहर स्थित मां शारदा मंदिर में पिछले वर्ष सामने आए कथित चोरी प्रकरण का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि श्रद्धालुओं के मन में उठे सवालों का समाधान करने के लिए ऐसे मामलों में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के परिणाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए। उन्होंने मंदिर परिसर से जुड़े अन्य विवादों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई
आनंद श्रीवास्तव ने सुझाव दिया कि देश के प्रमुख धार्मिक संस्थानों में दान राशि का डिजिटल रिकॉर्ड, नियमित स्वतंत्र ऑडिट, प्रभावी सीसीटीवी निगरानी और शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में जांच के दौरान आरोप सिद्ध होते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए।
- aap-leader-anand-srivastava-demands-transparency-in-religious-institutions-donation-system









