
ओडिशा: भारत ने एक बार फिर दुनिया को अपनी रक्षा और रणनीतिक ताकत का लोहा मनवाया है। डीआरडीओ (DRDO) और स्ट्रेटेजिक फोर्स कमांड ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप (ओडिशा) से ‘एडवांस अग्नि मिसाइल’ का सफल परीक्षण कर इतिहास रच दिया है। यह मिसाइल अग्नि सीरीज का सबसे आधुनिक संस्करण है, जो एमआईआरवी (MIRV) यानी ‘मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेड री-एंट्री व्हीकल’ तकनीक से लैस है। सरल भाषा में कहें तो यह मिसाइल एक ही बार में अलग-अलग ठिकानों पर हमला करने वाले कई परमाणु हथियार (वॉरहेड्स) ले जाने में सक्षम है।
इस परीक्षण की सबसे खतरनाक बात इसकी रफ्तार और मारक क्षमता है। इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) श्रेणी की यह मिसाइल 5500 किलोमीटर से अधिक की दूरी तक वार कर सकती है। री-एंट्री के दौरान इसकी गति मैक 24 (ध्वनि की गति से 24 गुना तेज) यानी लगभग 29,400 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाती है। इतनी प्रचंड रफ्तार और एक साथ कई लक्ष्यों पर हमला करने की काबिलियत के कारण चीन और पाकिस्तान के किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे ट्रैक करना या रोकना लगभग असंभव है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर किया गया यह परीक्षण उन पड़ोसी देशों के लिए सीधा संदेश है जो भारत की सुरक्षा को चुनौती देने का दुस्साहस करते हैं। उन्नत नेविगेशन और उच्च सटीकता (High Precision Guidance) वाली यह तकनीक भारत को उन चुनिंदा देशों की कतार में खड़ा करती है जिनके पास दुनिया की सबसे विनाशकारी मिसाइल तकनीक है।
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