
स्पेन: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शनिवार को एमवी होंडियस क्रूज जहाज पर सवार सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को ‘हाई-रिस्क कॉन्टैक्ट’ की श्रेणी में डाल दिया है। यह कदम जहाज पर घातक हंतावायरस के प्रकोप के बाद उठाया गया है, जिससे अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है। मृतकों में नीदरलैंड का एक दंपति और जर्मनी की एक महिला शामिल है। डच झंडे वाला यह जहाज करीब 150 लोगों को लेकर रविवार को स्पेन के कैनरी द्वीप समूह के पास टिनेरिफ़ पहुंचेगा, जहां अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत निकासी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
WHO की महामारी निदेशक मारिया वान केरखोव ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में जहाज पर किसी भी यात्री में बीमारी के लक्षण नहीं हैं, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए सभी यात्रियों को 42 दिनों तक कड़ी स्वास्थ्य निगरानी और फॉलो-अप में रहना होगा। हंतावायरस के आठ संदिग्ध मामलों में से छह में ‘एंडीज वायरस’ की पुष्टि हुई है, जो इंसानों से इंसानों में फैलने की क्षमता रखता है। यही कारण है कि इस घटना को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बड़ी चिंता माना जा रहा है। डब्लूएचओ प्रमुख टेड्रोस एडनोम घेब्येयियस खुद इस बचाव अभियान के समन्वय के लिए टिनेरिफ़ पहुंच रहे हैं।
निकासी योजना के तहत जिन यात्रियों में लक्षण दिखाई देंगे, उन्हें विशेष मेडिकल विमानों के जरिए इलाज के लिए सीधे नीदरलैंड ले जाया जाएगा। अन्य यात्रियों को उनके गृह देशों द्वारा भेजे गए विशेष विमानों से वापस लाया जाएगा। अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जैसे देश अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए संयुक्त रूप से विमानों का संचालन कर रहे हैं।
ब्रिटिश अधिकारियों ने बताया कि उनके नागरिकों को वापस लाने के बाद उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड के एक अस्पताल में आइसोलेशन में रखा जाएगा। WHO ने जोर दिया है कि हालांकि जहाज पर स्थिति गंभीर है, लेकिन आम जनता के लिए जोखिम अभी भी काफी कम है।
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