
जबलपुर/ सिकंदर: करीब चार वर्षों से चर्चित अधिवक्ता सचिन गुप्ता से जुड़े मामले में न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए उन्हें सभी आरोपों से दोषमुक्त घोषित कर दिया। न्यायालय ने साक्ष्यों के परीक्षण के बाद यह निर्णय सुनाया।
मामला दर्ज कर अभियोजन चलाया
अभियोजन के अनुसार, 30 सितंबर 2022 को राज्य अधिवक्ता परिषद, जबलपुर स्थित चेंबर क्रमांक-1 में आगजनी, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और मारपीट की घटना हुई थी। इस मामले में अधिवक्ता सचिन गुप्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 436/149, 427/149 और 323/149 के तहत मामला दर्ज कर अभियोजन चलाया गया था।
ट्रायल कोर्ट से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक
मामले की पैरवी अधिवक्ता मनीष कुमार मिश्रा ने ट्रायल कोर्ट से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक की। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने पूरे प्रकरण में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अधिवक्ता सचिन गुप्ता का पक्ष रखा।
आरोपों से दोषमुक्त घोषित
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लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करते हुए अधिवक्ता सचिन गुप्ता को सभी आरोपों से दोषमुक्त घोषित कर दिया।
अधिवक्ताओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा
प्रेस विज्ञप्ति में इस फैसले को सत्य, न्याय और अधिवक्ता सम्मान की जीत बताया गया है। साथ ही कहा गया कि यह निर्णय अधिवक्ताओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए प्रभावी कानूनी संघर्ष के महत्व को भी रेखांकित करता है।
विज्ञप्ति में अधिवक्ता मनीष कुमार मिश्रा की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि उन्होंने लगातार कानूनी लड़ाई लड़ते हुए अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
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