
राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में न्यायिक हिरासत में बंद आरोपियों की सुरक्षा और निगरानी को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अब जेल में बंद सभी आरोपी से केवल 10 करीबी रिश्तेदार ही मुलाकात कर सकेंगे। इनमें रक्त संबंधी परिजन या पत्नी को ही अनुमति दी जाएगी। जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुलाकात पूरी तरह निगरानी में होगी।
अन्य व्यक्ति को मुलाकात की अनुमति नहीं
जेल प्रशासन के अनुसार, आरोपियों से मिलने वाले 10 लोगों की सूची पहले से तय की जाएगी। सूची में शामिल लोगों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को मुलाकात की अनुमति नहीं मिलेगी। सभी मुलाकातें सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होंगी और स्थानीय अभिसूचना इकाई LIU के कर्मी भी पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे।
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प्रशासन को आवश्यक दिशा निर्देश जारी
प्रशासन का कहना है कि यह फैसला सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने, जांच को प्रभावित होने से रोकने और जेल परिसर में अनावश्यक गतिविधियों पर नियंत्रण रखने के उद्देश्य से लिया गया है। आरोपियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
मामले की जांच जारी है
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राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच जारी है। इस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और जांच एजेंसियां मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
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