
उमरिया/ राकेश दर्दवंशी: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक चीतल को केला खिलाने का मामला सामने आने के बाद टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के आधार पर जांच के बाद आरोपी को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत न्यायालय में पेश किया गया।
घटना का वीडियो मोबाइल फोन में रिकॉर्ड
जानकारी के अनुसार, मगधी गेट के सामने एक व्यक्ति चीतल को केला खिलाते हुए दिखाई दिया था। उसी दौरान पचपेढ़ी पर्यटन जोन से सफारी कर लौट रहे एक पर्यटक ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला टाइगर रिजर्व प्रबंधन के संज्ञान में आया।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कार्रवाई
जांच के दौरान संबंधित व्यक्ति की पहचान अनूप मिश्रा, निवासी ग्राम बेलिया बड़ी, तहसील कोतमा, जिला अनूपपुर के रूप में हुई। पहचान की पुष्टि होने के बाद उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई और न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
वन्यजीवों को भोजन खिलाना पूरी तरह प्रतिबंधित
वन अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में वन्यजीवों को किसी भी प्रकार का भोजन खिलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इससे वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में बदलाव आता है और वे इंसानों पर निर्भर होने लगते हैं। बाहरी खाद्य पदार्थ उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।
पर्यटकों से अपील
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने पर्यटकों से अपील की है कि जंगल सफारी के दौरान सभी नियमों का पालन करें, वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और उन्हें किसी भी प्रकार का खाद्य पदार्थ न दें। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी इसी तरह सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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