
भिण्ड/ मंगल सिंह कुशवाह: कलेक्टर की अध्यक्षता में सोमवार को समय सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति, सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के लंबित प्रकरण, उच्च न्यायालय से संबंधित मामलों, सीएम मॉनिट प्रकरणों और जनकल्याणकारी अभियानों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी प्रकरणों का समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
50 दिन से अधिक लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा
बैठक में कलेक्टर ने ग्रेडिंग माह और 50 दिन से अधिक समय से लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण न किया जाए, बल्कि आवेदकों की समस्या का संतुष्टिपूर्वक समाधान सुनिश्चित किया जाए। अधिक से अधिक शिकायतों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से बंद कराने के निर्देश भी दिए गए।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि कोई भी प्रकरण निर्धारित समयसीमा से बाहर नहीं होना चाहिए। अधिकारियों को समय पर कार्रवाई कर लंबित मामलों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
न्यायालयीन मामलों में लापरवाही पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी
उच्च न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को न्यायालय के आदेशों का समय पर पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण, सेवा शर्तों और अन्य याचिकाओं से संबंधित न्यायालयीन आदेशों का पालन नहीं होने पर अवमानना की स्थिति में संबंधित अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि न्यायालयीन मामलों में लापरवाही पाए जाने पर मुकदमा नीति के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और नियमानुसार शास्ति की वसूली भी की जा सकती है। वहीं, सीएम मॉनिट प्रकरणों का त्वरित परीक्षण कर आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए।
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हितग्राहियों के पंजीयन और प्रमाण पत्र बनवाने में हो आसानी
कलेक्टर ने स्थानीय निकायों, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग नियमित रूप से समन्वय बैठक और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यों की समीक्षा करें।
इससे हितग्राहियों के समग्र सत्यापन, ई केवाईसी, संबल प्रकरणों की जांच, आयुष्मान कार्ड, आभा आईडी, आधार पंजीयन तथा जीवन और मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाने की प्रक्रिया को आसान बनाया जा सकेगा।
पशुओं के टीकाकरण और आवारा पशुओं को गौशाला भेजने के निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने सभी पशुओं का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सड़क पर घूमने वाले आवारा पशुओं को गौशालाओं में पहुंचाने और इस कार्य की लगातार निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया।
कुपोषित बच्चों के बेहतर प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को संयुक्त रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि कुपोषित बच्चों का विशेषज्ञ चिकित्सकों से स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए और उनकी स्थिति में सुधार के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए।
मौसमी बीमारियों की दवाइयों का पर्याप्त भंडारण
कलेक्टर ने दस्तक अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य विभाग को मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाइयों का भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से नल-जल परियोजनाओं के हस्तांतरण की जानकारी ली। साथ ही मानसून के दौरान पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किट आधारित पानी की जांच लगातार जारी रखने के निर्देश दिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती पर जताई नाराजगी
ग्रामीण क्षेत्रों में बुवाई के दौरान बिजली कटौती की शिकायतों पर कलेक्टर ने ऊर्जा विभाग के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने किसानों को निर्धारित अवधि के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि खेती-किसानी से जुड़े कार्य प्रभावित न हों।
बैठक में सघन वृक्षारोपण अभियान, रोजगार मेला, संबल पंजीयन, अनुग्रह सहायता सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बैठक में देरी से पहुंचने और बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत भिण्ड, अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे।
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