
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भारतीय जनता पार्टी की ओर से बुधवार, 4 नवंबर को ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ के संकल्प के साथ विशाल पदयात्रा आयोजित की जा रही है। भाजपा ने इस कार्यक्रम के जरिए राजधानी में बड़े स्तर पर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की है। पार्टी की ओर से करीब एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित प्रदेश सरकार के मंत्री, पार्टी पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल होने वाले हैं। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे टीटी नगर स्थित अटल पथ, प्लेटिनम प्लाजा से प्रस्तावित है। इसके बाद पदयात्रा न्यू मार्केट होते हुए रोशनपुरा चौराहे तक पहुंचेगी। भाजपा ने भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं और समर्थकों को जुटाने का लक्ष्य रखा है।
पदयात्रा के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी दिखाने की भी तैयारी की गई है। इस बीच मुस्लिम महिलाओं से जुड़ा एक मामला चर्चा में आया है, जहां महिलाओं ने ‘तीन तलाक’ लिखे बैनर लेने से इनकार कर दिया। इस घटनाक्रम ने पदयात्रा में सामाजिक समूहों की भागीदारी और संबंधित मुद्दों को लेकर चर्चा को नया मोड़ दिया है। हालांकि, महिलाओं के इनकार के पीछे की वजह को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है। भाजपा का यह अभियान देशभर में चलाए जा रहे ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम का हिस्सा है। पार्टी इस अभियान के माध्यम से विपक्ष द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने की रणनीति पर काम कर रही है।
पदयात्रा को लेकर भोपाल में यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों के पहुंचने की संभावना के चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्जन की व्यवस्था की गई है। भदभदा चौराहा, भारत माता चौराहा, जवाहर चौक, माता मंदिर, रोशनपुरा, लिंक रोड-1 और पॉलिटेक्निक चौराहे के आसपास यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। भाजपा जहां इस आयोजन को लोकतंत्र की रक्षा और अराजकता के विरोध का अभियान बता रही है, वहीं एक लाख लोगों की भागीदारी का दावा और ‘तीन तलाक’ के बैनर पर मुस्लिम महिलाओं का इनकार इस पदयात्रा को राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना रहा है।








