
भोपाल के सरकारी स्कूल के छात्र रहे मयंक कुशवाह ने अपने नवाचार से शहर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चूना भट्टी के पूर्व छात्र मयंक द्वारा तैयार की गई स्मार्ट बस कंडक्टर जैकेट को नई दिल्ली में आयोजित 12वीं राष्ट्रीय इंस्पायर-मानक प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता में प्रदर्शित किया गया। यह जैकेट बस कंडक्टरों की सुविधा, सुरक्षा और काम के दौरान होने वाली शारीरिक परेशानी को कम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
कक्षा 10 में तैयार किया था स्मार्ट जैकेट का मॉडल
मयंक ने कक्षा 10वीं में पढ़ाई के दौरान इस मॉडल को तैयार किया था। इस नवाचार को उनकी मार्गदर्शक शिक्षिका रश्मि नायक के निर्देशन में विकसित किया गया। वर्तमान में मयंक बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं और तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं।
उनके मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर जगह मिलना सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच और रचनात्मक क्षमता को भी सामने लाता है। नई दिल्ली में आयोजित प्रदर्शनी में देशभर के विद्यार्थियों के नवाचारों को प्रस्तुत किया गया, जिसमें मयंक का मॉडल भी शामिल रहा।
टिकट मशीन का भार संभालने में मिलेगी मदद
स्मार्ट बस कंडक्टर जैकेट को इस तरह तैयार किया गया है कि कंडक्टरों के रोजमर्रा के काम को आसान बनाया जा सके। जैकेट में विशेष बेल्ट और कंधे पर सहारा देने वाले हुक लगाए गए हैं। इनकी मदद से टिकट मशीन का भार संभालने में सुविधा मिल सकती है।
बस कंडक्टरों को लंबे समय तक खड़े होकर यात्रियों को टिकट देने का काम करना पड़ता है। ऐसे में जैकेट को शरीर पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसके अलावा जैकेट पर चमकीली परावर्तक पट्टी भी लगाई गई है, जो रात के समय रोशनी पड़ने पर चमकती है और कंडक्टर को दूर से पहचानने में मदद कर सकती है।
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क्यूआर कोड से जुड़ी है डिजिटल सुविधा
मयंक की जैकेट में क्यूआर कोड की सुविधा भी शामिल की गई है। इसके जरिए डिजिटल भुगतान और पहचान से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है। इस तरह यह मॉडल केवल पहनने योग्य सुरक्षा उपकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि बस परिवहन व्यवस्था में डिजिटल सुविधा जोड़ने की कोशिश भी करता है।
मॉडल का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से कंडक्टरों के काम को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बनाना है।
स्कूल प्रबंधन ने मयंक की उपलब्धि पर जताई खुशी
मयंक की उपलब्धि पर शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य संघमित्रा अग्निहोत्री ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में प्रतिभा और नई सोच की कोई कमी नहीं है। विद्यालय प्रबंधन ने मयंक की वैज्ञानिक सोच और सामाजिक जरूरत को समझकर नवाचार तैयार करने के प्रयास की सराहना की। मार्गदर्शक शिक्षिका रश्मि नायक और विद्यालय परिवार ने भी मयंक को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
भोपाल के मयंक कुशवाह का स्मार्ट बस कंडक्टर जैकेट मॉडल यह दिखाता है कि विद्यार्थियों के नवाचार रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान की दिशा में उपयोगी हो सकते हैं। राष्ट्रीय प्रदर्शनी में मॉडल का प्रदर्शन मयंक के साथ उनके विद्यालय और भोपाल के लिए भी गौरव की बात है।
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