
बिहार में आर्थिक अपराध इकाई ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिक्षा विभाग से जुड़े एक अधिकारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। EOU की टीम ने अधिकारी के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच के दौरान अधिकारी की आय की तुलना में करीब 90 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने का खुलासा हुआ है। कार्रवाई के बाद विभागीय और प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।
आय से अधिक संपत्ति का सामने आया मामला
EOU की जांच में सामने आया कि अधिकारी की संपत्ति उनकी वैध और ज्ञात आय के मुकाबले काफी अधिक है। इसी आधार पर आर्थिक अपराध इकाई ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई शुरू की। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने संपत्ति और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की।
कई ठिकानों पर पहुंची EOU की टीम
आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने अधिकारी से जुड़े अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई का उद्देश्य कथित तौर पर अर्जित संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय स्रोतों से संबंधित जानकारी जुटाना है। जांच एजेंसी दस्तावेजों और बरामद सामग्री का मिलान अधिकारी की घोषित आय से कर रही है।
90 प्रतिशत अधिक संपत्ति ने बढ़ाई मुश्किलें
जांच में आय की तुलना में करीब 90 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने की बात सामने आने के बाद मामला गंभीर माना जा रहा है। अब EOU यह पता लगाने में जुटी है कि अतिरिक्त संपत्ति किन स्रोतों से अर्जित की गई। संपत्ति खरीद, बैंक खातों और अन्य निवेश से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है।
दस्तावेजों की जांच के बाद आगे बढ़ेगी कार्रवाई
छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज और अन्य सामग्री जांच के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। EOU इनका परीक्षण करने के बाद आय और संपत्ति के बीच वास्तविक अंतर का आकलन करेगी। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिहार में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई लगातार जारी है। शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी के खिलाफ हुई यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
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