UP में कैब चालकों के लिए नए नियम लागू, समय पर पिकअप नहीं तो देना होगा जुर्माना

उत्तर प्रदेश में ऐप आधारित कैब सेवाओं को लेकर नई एग्रीगेटर नीति प्रभावी हो गई है। नई व्यवस्था में कैब चालकों और यात्रियों दोनों के लिए कई नियम तय किए गए हैं। समय पर यात्री को पिक नहीं करने, बिना उचित कारण राइड कैंसल करने और किराये से जुड़े मामलों में अब जवाबदेही तय होगी। सरकार का उद्देश्य कैब सेवाओं को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।

समय पर पिकअप नहीं तो कार्रवाई

नई नीति में कैब चालक के लिए समय पर यात्री तक पहुंचना जरूरी किया गया है। यदि चालक बुकिंग स्वीकार करने के बाद बिना वैध कारण के राइड कैंसल करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। केंद्रीय एग्रीगेटर गाइडलाइन के तहत ऐसी कैंसिलेशन पर किराये का 10 प्रतिशत तक जुर्माना निर्धारित है, जिसकी अधिकतम सीमा 100 रुपये है।

यात्रियों पर भी लागू होगा कैंसिलेशन शुल्क

सिर्फ ड्राइवर ही नहीं, यात्री भी बिना उचित कारण बुकिंग कैंसल करने पर शुल्क के दायरे में आएंगे। ऐसे मामलों में 10 प्रतिशत तक शुल्क लिया जा सकता है, लेकिन इसकी अधिकतम सीमा 100 रुपये रखी गई है। इससे बार-बार होने वाली अनावश्यक कैंसिलेशन पर रोक लगाने की कोशिश की गई है। 

किराये में मनमानी पर भी लगेगी रोक

नई व्यवस्था में कैब किराये को लेकर भी नियम बनाए गए हैं। 2025 की केंद्रीय गाइडलाइन के अनुसार एग्रीगेटर बेस फेयर से अधिकतम दोगुना तक डायनेमिक किराया ले सकते हैं, जबकि न्यूनतम किराया बेस फेयर से 50 प्रतिशत कम तक हो सकता है। पीक टाइम में यात्रियों को बढ़े हुए किराये का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन डायनेमिक प्राइसिंग तय सीमा के भीतर ही होगी।

ड्राइवरों को मिलेगा किराये का बड़ा हिस्सा

नई गाइडलाइन में ड्राइवरों की कमाई को लेकर भी प्रावधान किया गया है। अपनी गाड़ी के साथ एग्रीगेटर से जुड़े ड्राइवर को लागू किराये का कम से कम 80 प्रतिशत हिस्सा मिलना चाहिए। वहीं एग्रीगेटर की अपनी गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत हिस्सेदारी का प्रावधान है।

सुरक्षा और जवाबदेही पर जोर

नीति में ड्राइवरों की ट्रेनिंग, सड़क सुरक्षा, यात्री व्यवहार और आपात स्थिति से निपटने जैसे पहलुओं पर भी जोर दिया गया है। महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समान जेंडर के ड्राइवर को चुनने का विकल्प भी उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, हालांकि यह सुविधा उपलब्धता पर निर्भर करेगी।

उत्तर प्रदेश में इस व्यवस्था के तहत कैब एग्रीगेटर्स के संचालन की निगरानी और लाइसेंसिंग को भी व्यवस्थित किया जा रहा है। इससे यात्रियों को बेहतर सेवा और ड्राइवरों को स्पष्ट नियम मिलने की उम्मीद है।

 
 
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Manisha Gupta

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