
बीना/ मनीष कुमार चौबे: बीना क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रस्तावित 100 बिस्तरीय आधुनिक शासकीय अस्पताल की योजना करीब दो साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर सकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद अस्पताल निर्माण के लिए जमीन चिन्हित की गई थी, लेकिन भूमि विवाद और न्यायालयीन प्रक्रिया के चलते अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में स्वीकृत बजट के लैप्स होने का खतरा भी बढ़ गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आगासौद रोड स्थित प्रस्तावित अस्पताल स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों से भूमि विवाद और परियोजना से जुड़ी पूरी जानकारी ली। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला और निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो अस्पताल के लिए स्वीकृत राशि लैप्स हो सकती है।
हाईकोर्ट में लंबित है जमीन से जुड़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, अस्पताल निर्माण के लिए आगासौद रोड पर जमीन चिन्हित की गई थी। इसके बाद भूमि से जुड़े विवाद को लेकर मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया। न्यायालयीन प्रक्रिया के कारण अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
कलेक्टर के निर्देश पर विवाद से जुड़े पक्षों के प्रतिनिधियों को भी मौके पर बुलाया गया। प्रशासन अब इस मामले का समाधान आपसी सहमति से निकालने की कोशिश कर रहा है, ताकि परियोजना को आगे बढ़ाया जा सके।
आउट ऑफ कोर्ट समाधान की कोशिश
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने एसडीएम रवीश श्रीवास्तव को निर्देश दिए हैं कि दोनों पक्षों की संयुक्त बैठक आयोजित कर मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया जाए। प्रशासन की कोशिश है कि आपसी सहमति से आउट ऑफ कोर्ट समझौता हो और अस्पताल निर्माण की राह में आ रही बाधा दूर हो सके।
कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना में और देरी होने से बीना क्षेत्र को बड़ा नुकसान हो सकता है। अस्पताल निर्माण के लिए स्वीकृत बजट का समय पर उपयोग नहीं हुआ तो फंड लैप्स होने की स्थिति बन सकती है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बीना को नए अस्पताल की जरूरत
बीना और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता महसूस हो रही है। मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था पर मरीजों का दबाव लगातार बना रहता है। गंभीर मामलों में मरीजों को बेहतर उपचार के लिए सागर और भोपाल रेफर किया जाता है।
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ऐसे में 100 बिस्तरीय आधुनिक अस्पताल बनने से बीना सहित आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी। अस्पताल में विशेषज्ञ सेवाएं, अतिरिक्त बेड और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलने की संभावना थी, लेकिन भूमि विवाद के कारण यह योजना फिलहाल अटकी हुई है।
अब प्रशासनिक समाधान पर टिकी उम्मीद
कलेक्टर के मौके पर पहुंचने और दोनों पक्षों के बीच बातचीत के निर्देश के बाद अस्पताल परियोजना को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है। अब प्रशासन की कोशिश है कि जल्द से जल्द भूमि विवाद का समाधान निकाला जाए और निर्माण कार्य शुरू कराया जा सके।
यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है, तो बीना के लोगों को लंबे समय से प्रतीक्षित 100 बिस्तरीय अस्पताल की सौगात मिल सकती है। वहीं, समाधान में देरी होने पर परियोजना का बजट लैप्स होने के साथ ही अस्पताल निर्माण का काम और लंबा खिंचने की आशंका है।
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