
बीना/ मनीष कुमार चौबे: सागर जिले की बीना कृषि उपज मंडी में सरकारी टीन शेडों पर व्यापारियों के कब्जे को लेकर किसानों का विरोध बुधवार को बड़े आंदोलन में बदल गया। किसानों ने सुबह मंडी के मुख्य गेट पर ताला जड़कर करीब पांच घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। आखिरकार प्रशासन ने सात दिनों के भीतर सभी सरकारी टीन शेडों से अतिक्रमण हटाने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त कर मंडी का गेट खोला।
मारपीट की घटना के बाद बढ़ा विवाद
बताया गया कि सोमवार को टीन शेडों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान व्यापारी अशोक शिखरचंद जैन और उनके साथियों पर मंडी सचिव प्रकाश मार्को तथा कर्मचारी वीरेंद्र राजपूत के साथ मारपीट करने के आरोप लगे थे। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया, लेकिन किसानों ने इसे लेकर नाराजगी जताई।
चेतावनी के बाद किसानों ने किया प्रदर्शन
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किसान नेताओं सीताराम ठाकुर और प्रतिपाल सिंह ठाकुर के नेतृत्व में किसानों ने पहले ही प्रशासन को चेतावनी दी थी कि यदि सरकारी टीन शेड खाली नहीं कराए गए तो आंदोलन किया जाएगा। बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे बड़ी संख्या में किसान मंडी पहुंचे और मुख्य द्वार पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गए।
किसानों का कहना था कि सरकारी टीन शेड किसानों की उपज रखने के लिए बनाए गए हैं, लेकिन उनका उपयोग व्यापारियों के गोदाम के रूप में किया जा रहा है।
4000 क्विंटल माल का पंचनामा, व्यापारियों को नोटिस
आंदोलन के दबाव के बाद मंडी प्रशासन ने सरकारी टीन शेडों का निरीक्षण कराया। कार्रवाई के दौरान करीब 4000 क्विंटल कृषि उपज का पंचनामा तैयार किया गया और संबंधित व्यापारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
जिन फर्मों को नोटिस जारी किए गए उनमें सिंगाई ट्रेडिंग कंपनी केअशोक शिखरचंद जैन, स्वाति ट्रेडिंग कंपनी के संजीव कुमार और राजीव कुमार, आर्या ट्रेडिंग कंपनी के आदित्य, ट्रेडिंग कंपनी के नितिन ट्रेडर्स और रमेश ट्रेडर्स शामिल हैं।
लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन
कई दौर की चर्चा के बाद मंडी प्रशासन ने किसानों को लिखित रूप से भरोसा दिया कि सात दिनों के भीतर सभी सरकारी टीन शेड अतिक्रमण मुक्त कराए जाएंगे। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर मंडी का गेट खोल दिया।
हालांकि किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी मंडी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी।
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