
पार्शुराम रायकवार|करीब 125 वर्षों बाद भारत लौटे भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन के लिए बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर संत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री दिल्ली के किला राय पिथौरा पहुंचे। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से आयोजित प्रदर्शनी में उन्होंने पवित्र अवशेषों के दर्शन किए।
इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद रहे।
बुद्ध के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल
कार्यक्रम के दौरान भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के माध्यम से भारत की आध्यात्मिक विरासत, करुणा, शांति और मानवता के संदेश को देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
बागेश्वर सरकार ने इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहल की सराहना की। कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने कहा कि युवाओं के बीच संत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की लोकप्रियता और नई पीढ़ी से उनका जुड़ाव भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और मानवता के संदेश को युवाओं तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
भारत की आध्यात्मिक विरासत से जुड़ा अवसर
पवित्र अवशेषों के भारत लौटने को देश की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर बताया जा रहा है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से भगवान बुद्ध के विचारों और भारत के साथ उनके गहरे आध्यात्मिक संबंध को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
बागेश्वर सरकार की इस कार्यक्रम में सहभागिता को भी इसी संदेश को व्यापक स्तर पर नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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