
बुरहानपुर: कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत जिले में कलेक्टर श्री हर्ष सिंह के मार्गदर्शन में किसानों को कृषि की नवीन तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कृषि उपज मंडी के केला नीलामी सभागृह में उर्वरक वितरण की नई ऑनलाइन “ई-विकास प्रणाली” के संबंध में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रणाली का उद्देश्य किसानों को समय पर और पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराना है।
प्रशिक्षण के दौरान उपसंचालक कृषि श्री एम.एस. देवके ने कृषि आदान विक्रेताओं को ई-विकास प्लेटफॉर्म के माध्यम से उर्वरक वितरण की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से जिले में शत-प्रतिशत पारदर्शी उर्वरक वितरण सुनिश्चित होगा, जिससे किसानों को समय पर उर्वरक मिल सकेगा और कालाबाजारी, अधिक कीमत व अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा।
उपसंचालक श्री देवके ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागू की गई यह नई प्रणाली 1 अप्रैल से पूर्ण रूप से लागू की जा रही है। इसके माध्यम से किसानों को उनकी फसल की वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुसार लक्षित (टार्गेटेड) रूप में उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। संतुलित पोषक तत्वों के उपयोग से फसलों की उत्पादकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री प्रताप सिंह जमरे, एसएडीओ श्री राम पाटिल, प्रभारी जिला विपणन अधिकारी श्री संदीप इंगले, कृषि विस्तार अधिकारी श्री जे.एस. चौहान, श्री अखिलेश रावत सहित बड़ी संख्या में कृषि आदान विक्रेता उपस्थित थे.
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