
राजू सूरसिंह राठौड़| बुरहानपुर, 7 अक्टूबर 2026। जिले के खकनार ब्लॉक में वर्ष 2023 में नियुक्त नव नियुक्त शिक्षकों ने वेतन विसंगति को लेकर जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। शिक्षकों का कहना है कि नियुक्ति के करीब तीन साल पांच महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें 100 प्रतिशत मूल वेतन के बजाय 90 प्रतिशत वेतन मिल रहा है। इस संबंध में 23 शिक्षकों ने हस्ताक्षर कर कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपकर समस्या का जल्द निराकरण करने की मांग की है।
तीन साल से ज्यादा समय बाद भी पूरा वेतन नहीं मिलने का दावा
शिक्षक बृजेश के अनुसार, वर्ष 2023 में खकनार ब्लॉक में उनकी नियुक्ति हुई थी। उनका कहना है कि नियुक्ति को तीन वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी भी वेतन का 10 प्रतिशत हिस्सा नहीं मिल रहा है। शिक्षकों का कहना है कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उन्हें 100 प्रतिशत मूल वेतन का लाभ मिलना चाहिए। इसके बावजूद 90 प्रतिशत वेतन मिलने से उन्हें हर महीने आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
यह मामला नया नहीं है। जून 2026 में भी खकनार क्षेत्र के शिक्षकों की ओर से वेतन संबंधी समस्या को लेकर कलेक्टर से शिकायत किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
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अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी नहीं निकला समाधान
शिक्षिका श्रृष्टि तिवारी के मुताबिक, वेतन संबंधी समस्या को लेकर शिक्षक पिछले कई महीनों से अलग-अलग कार्यालयों में अपनी बात रख रहे हैं। शिक्षकों ने खकनार बीडीओ कार्यालय, सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग और कलेक्टर कार्यालय में भी समस्या बताई, लेकिन उनका कहना है कि अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।
शिक्षकों का कहना है कि 10 प्रतिशत वेतन का अंतर उनके लिए लगातार आर्थिक परेशानी का कारण बन रहा है। इसी वजह से सभी प्रभावित शिक्षक एकजुट होकर जिला प्रशासन तक अपनी मांग पहुंचाने पहुंचे हैं।
23 शिक्षकों ने आवेदन पर किए हस्ताक्षर
कलेक्टर को दिए गए आवेदन पर करीब 23 नव नियुक्त शिक्षकों के हस्ताक्षर बताए गए हैं। शिक्षकों ने मांग की है कि उनके वेतन की विसंगति को तत्काल दूर किया जाए और नियमानुसार 100 प्रतिशत वेतन का लाभ दिया जाए।
शिक्षकों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी तरह का विरोध खड़ा करना नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का प्रशासनिक स्तर पर समाधान कराना है। उन्हें उम्मीद है कि जिला प्रशासन मामले को गंभीरता से लेकर संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देगा।
विभाग ने कहा- आपत्ति दूर कर दोबारा बिल लगाए जाएंगे
मामले में आदिम जाति विभाग के अधिकारी भरत जांचपूरे ने बताया कि शिक्षकों के वेतन से संबंधित बिल ट्रेजरी विभाग में लगाए गए थे। वहां से कुछ आपत्तियां आई हैं। उन्होंने कहा कि लेखा शाखा से चर्चा कर आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा और इसके बाद बिल दोबारा लगाए जाएंगे।
अधिकारी के मुताबिक, बिल पास होते ही संबंधित शिक्षकों को भुगतान मिल जाएगा। ऐसे में अब शिक्षकों की नजर विभागीय कार्रवाई और लंबित भुगतान की प्रक्रिया पर है।
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