
बुरहानपुर/ राजू सिंह राठौड़: बुरहानपुर जिले के देड़तलाई क्षेत्र में हर साल बरसात के दौरान मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग जलमग्न हो जाता है। बारिश का पानी सड़क पर तेज बहाव के साथ भर जाने से ग्रामीणों, किसानों, वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को रोजाना जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से गुजरना पड़ता है। लगातार बनी इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है।
हर समय दुर्घटना का खतरा
देड़तलाई से बालापाट, चौखंडिया, पिपरीबोरबन समेत 8 से 10 गांवों को जोड़ने वाला यह मार्ग दोनों राज्यों के लोगों के आवागमन का प्रमुख संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन सैकड़ों लोग इसी सड़क का उपयोग करते हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही सड़क नदी का रूप ले लेती है। तेज बहाव के बीच लोगों को मजबूरी में आवागमन करना पड़ता है, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। बच्चों को रोजाना इसी जलमग्न मार्ग से होकर स्कूल जाना पड़ता है। वहीं किसान और अन्य ग्रामीण भी आवश्यक कार्यों के लिए इसी रास्ते पर निर्भर हैं। ऐसे में हर बरसात लोगों की चिंता बढ़ जाती है।
अतिक्रमण की निष्पक्ष जांच
स्थानीय लोगों के अनुसार, प्राकृतिक जल निकासी वाले स्थान पर हुए अतिक्रमण के कारण बरसाती पानी की निकासी बाधित हो जाती है। इसी वजह से सड़क पर पानी भर जाता है और यह समस्या हर वर्ष दोहराई जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अतिक्रमण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने, स्थायी पुलिया निर्माण कराने तथा प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में लोगों को इस परेशानी का सामना न करना पड़े।
संबंधित स्थल का निरीक्षण
मामले को लेकर नायब तहसीलदार ने बताया कि संबंधित स्थल का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के बाद स्थिति का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को अवगत कराया जाएगा।
अब देखना होगा कि प्रशासन का यह आश्वासन धरातल पर कितना प्रभावी साबित होता है। फिलहाल ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं, क्योंकि हर बारिश के साथ इस मार्ग पर हादसे का खतरा भी बढ़ जाता है।
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