
CBSE की 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। मामले में केंद्र सरकार सोमवार तक लिखित हलफनामा दाखिल करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 25 अगस्त 2026 की तारीख तय की है।
1.68 लाख छात्रों की कॉपियों का दोबारा मूल्यांकन
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि करीब 1.68 लाख छात्रों ने शिकायत निवारण विंडो के जरिए CBSE से संपर्क किया था। इन छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन किया गया।
सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि OSM से जुड़ी शिकायतों को देखने के लिए एक सदस्यीय समिति बनाई गई थी। शिकायतों के लिए करीब एक सप्ताह की विंडो भी खोली गई थी।
कंपार्टमेंट परीक्षा को लेकर भी उठा सवाल
सुनवाई के दौरान उन छात्रों का मुद्दा भी सामने आया, जो कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने से रह गए हैं। कोर्ट ने इस संबंध में दोबारा आवेदन विंडो खोलने की संभावना पर भी सवाल किया।
इसके अलावा OSM सिस्टम से प्रभावित छात्रों को ग्रेस मार्क्स देने और उन विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा पर भी चर्चा हुई, जिनके CBSE अंकों के कारण आगे की पढ़ाई या प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हुई है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने CBSE से ऐसे छात्रों के हित सुरक्षित करने के उपाय तलाशने को कहा था।
सोमवार तक दाखिल होगा केंद्र का जवाब
सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट से सोमवार तक हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ चर्चा के बाद मामले में लिखित जवाब दाखिल करना उचित होगा।
अब 25 अगस्त की सुनवाई में केंद्र और CBSE के जवाब के आधार पर आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है। छात्रों की नजर इस सुनवाई पर बनी हुई है, खासकर उन विद्यार्थियों के लिए जिनके परिणाम और प्रवेश प्रक्रिया पर OSM से जुड़ी शिकायतों का असर पड़ा है।
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- cbse-osm-case-supreme-court-hearing-25-august-2026-affidavit








