जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी पर एफआईआर, विदेशी फंडिंग और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के आरोप

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित बड़े प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि युवा नेतृत्व वाले इस व्यंग्यात्मक राजनीतिक समूह की कुछ गतिविधियां राष्ट्रीय हितों के खिलाफ थीं। साथ ही प्रदर्शन के लिए विदेश से आर्थिक सहायता मिलने का भी दावा किया गया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह शिकायत सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके द्वारा आयोजित उस प्रदर्शन के संबंध में दर्ज की गई है, जिसमें एनईईटी-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक और सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली में कथित अनियमितताओं के मुद्दे उठाए गए थे।

जंतर-मंतर पर जुटी थी बड़ी संख्या में भीड़

कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित यह अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक प्रदर्शन माना जा रहा है। जंतर-मंतर पर आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों छात्र और युवा पेशेवर शामिल हुए थे। प्रदर्शन दिल्ली पुलिस की अनुमति के बाद आयोजित किया गया था। प्रदर्शन से पहले अभिजीत दिपके ने प्रतिभागियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की थी। उन्होंने पुलिसकर्मियों का फूल देकर स्वागत करने का भी आग्रह किया था, ताकि आंदोलन सकारात्मक और शांतिपूर्ण बना रहे।

विदेशी फंडिंग के आरोपों की जांच

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन को विदेश से वित्तीय सहायता मिली थी। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास करेंगी कि प्रदर्शन के आयोजन और वित्तीय संसाधनों के पीछे कोई बाहरी समर्थन था या नहीं। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

सोनम वांगचुक भी हुए शामिल

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने इससे पहले कहा था कि यदि 5 जून तक संबंधित मुद्दों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का हिस्सा बनेंगे। वांगचुक ने बताया कि प्रदर्शन में शामिल होने से पहले उन्होंने अभिजीत दिपके से बातचीत की थी। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आंदोलन भारतीय युवाओं की वास्तविक चिंताओं का प्रतिनिधित्व करे और किसी भी बाहरी प्रभाव से मुक्त रहे।

जांच पूरी होने के बाद होगी स्थिति स्पष्ट

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

फिलहाल यह मामला शिक्षा से जुड़े मुद्दों, युवाओं के विरोध प्रदर्शन और कथित विदेशी फंडिंग के आरोपों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।

 

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Srota Swati Tripathy

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