हाईटेंशन लाइनों पर योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, किसानों को टावर के नीचे दोगुना और कॉरिडोर में 30% मुआवजा मिलेगा

लखनऊ, 04 मई:
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बिजली पारेषण परियोजनाओं से प्रभावित किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए हाईटेंशन लाइनों से जुड़े मुआवजा नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। यह फैसला 765 केवी, 400 केवी, 220 केवी और 132 केवी हाईटेंशन लाइनों पर लागू होगा।

नई व्यवस्था के अनुसार अब बिजली टावर (खंभे) के नीचे आने वाली भूमि पर किसानों को जमीन के बाजार मूल्य का 200% यानी दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, जिन खेतों के ऊपर से हाईटेंशन लाइनें गुजरती हैं (राइट ऑफ वे/कॉरिडोर क्षेत्र), वहां भूमि मूल्य का 30% मुआवजा मिलेगा।

सरकार का अनुमान है कि इस नई नीति से किसानों को पहले की तुलना में लगभग 21% से 33% तक अधिक आर्थिक लाभ मिलेगा। यह बदलाव किसानों के लिए राहत भरा माना जा रहा है, क्योंकि पहले कई मामलों में उन्हें सीमित या अपर्याप्त मुआवजा मिलता था।

पहले की व्यवस्था क्या थी

ऊर्जा विभाग के अनुसार, 2018 से पहले टावर बेस पर मुआवजे की कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। किसानों को अक्सर नुकसान उठाना पड़ता था। 2018 में संशोधन के बाद टावर के नीचे की जमीन पर लगभग 85% मुआवजा देने का प्रावधान किया गया था, लेकिन हाईटेंशन लाइन (कॉरिडोर) क्षेत्र के लिए कोई स्पष्ट मुआवजा नीति नहीं थी।

नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु

  • टावर (खंभे) के नीचे भूमि पर 200% मुआवजा
  • हाईटेंशन लाइन कॉरिडोर में आने वाली भूमि पर 30% मुआवजा
  • मुआवजा राशि का निर्धारण जिलाधिकारी द्वारा तय सर्किल रेट के आधार पर होगा
  • सभी नई और चल रही पारेषण परियोजनाओं पर लागू

किसानों को क्या फायदा होगा

सरकार का कहना है कि इस फैसले से किसानों को उनकी भूमि के उपयोग के लिए अधिक न्यायसंगत और पारदर्शी मुआवजा मिलेगा। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं और विरोध की स्थिति में भी कमी आएगी। ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने कहा कि यह निर्णय किसानों के हित और विकास परियोजनाओं के बीच संतुलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे पारेषण परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी।

ये भी पढ़े – सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान: 2017 के बाद हर क्षेत्र में हुआ बड़ा बदलाव

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    Rashel Kachwah Rajput

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