दमोह में दर्दनाक हादसा: खेत की टपरिया बनी मौत का फंदा; आग में जिंदा जला मजदूर, गांव में पसरा मातम

दमोह: मध्यप्रदेश के दमोह जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां खेत पर बनी टपरिया में लगी आग ने एक मजदूर की जान ले ली। कांटी गांव में हुए इस हादसे में 42 वर्षीय जीवन विश्वकर्मा गंभीर रूप से झुलस गए और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजन इस हादसे से सदमे में हैं।

क्या है पूरा मामला और कैसे लगी आग?

जानकारी के अनुसार, जीवन विश्वकर्मा गांव के ही एक किसान के खेत पर मजदूरी करते थे रविवार को भी वह काम के सिलसिले में खेत पर गए थे और टपरिया में आराम कर रहे थे। शाम के समय अचानक टपरिया में आग लग गई, जिसने कुछ ही समय में पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि उनके साथ मौजूद व्यक्ति किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा, लेकिन जीवन अंदर ही फंस गए।

हादसे के बाद क्या हुआ?

घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक टपरिया पूरी तरह जल चुकी थी। जीवन को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया।हटा सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

गांव में क्यों पसरा मातम?

मृतक जीवन विश्वकर्मा अपने परिवार का मुख्य सहारा थे और मजदूरी कर घर चलाते थे। उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोगों ने बताया कि जीवन मेहनती और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे, जिनकी इस तरह मौत होना बेहद दुखद है।

पुलिस जांच में क्या सामने आया?

घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अब तक आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है, ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके।

क्या ऐसे हादसों से बचा जा सकता है?

विशेषज्ञों का मानना है कि खेतों में बनी अस्थायी झोपड़ियों में आग लगने का खतरा अधिक रहता है। इसलिए सुरक्षा उपायों का पालन करना बेहद जरूरी है। यदि समय रहते सावधानी बरती जाए, तो इस तरह के हादसों को रोका जा सकता है।

दमोह के कांटी गांव में हुआ यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए, बल्कि पूरे गांव के लिए बड़ा सदमा बनकर सामने आया है। यह घटना सुरक्षा के प्रति जागरूकता और सतर्कता की जरूरत को भी उजागर करती है।

यह भी पढ़े: दमोह में गौशालाओं का निरीक्षण, कलेक्टर प्रताप नारायण सिंह यादव ने दिए सख्त निर्देश

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Srota Swati Tripathy

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