
दमोह/ आकिब खान: हटा ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हिनौता में रविवार रात एक प्रसूता की डिलीवरी अस्पताल के गेट पर ही होने का मामला सामने आया है। प्रसूता के पति ने अस्पताल में डॉक्टर और नर्स के मौजूद नहीं होने तथा गेट पर ताला लगे होने का आरोप लगाया है। वहीं, हटा बीएमओ डॉ. उमाशंकर पटेल ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा है कि अस्पताल का दूसरा गेट खुला था और सूचना मिलने के करीब 10 मिनट के अंदर स्टाफ नर्स मौके पर पहुंच गई थी।
प्रसव पीड़ा होने पर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचे थे दंपती
जानकारी के अनुसार, कमता गांव निवासी 23 वर्षीय गायत्री कुशवाहा को रविवार रात प्रसव पीड़ा हुई थी। इसके बाद उनके पति कन्नू कुशवाहा एंबुलेंस से उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हिनौता लेकर पहुंचे। कन्नू कुशवाहा का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर गेट पर ताला लगा हुआ था। गेट खटखटाने के बाद अंदर मौजूद एक कर्मचारी ने दरवाजा खोला।
पति के मुताबिक, उन्होंने प्रसूता को गेट के पास ही बैठाया। इसके बाद अंदर जाकर देखा तो वहां डॉक्टर या नर्स मौजूद नहीं थे। उन्होंने हटा बीएमओ को फोन कर मामले की जानकारी दी। कन्नू का दावा है कि बीएमओ द्वारा डॉक्टर को फोन करने के बाद भी नर्स और अन्य स्टाफ करीब आधे घंटे बाद अस्पताल पहुंचे।
स्टाफ पहुंचने से पहले ही हो गया प्रसव
कन्नू कुशवाहा के अनुसार, जब तक नर्स और अन्य स्टाफ स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, तब तक उनकी पत्नी ने गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया था। स्टाफ के पहुंचने के बाद प्रसूता और नवजात को अस्पताल के अंदर भर्ती किया गया और इलाज शुरू किया गया।
प्रसूता के पति ने प्रशासन से इस मामले की जांच कराने और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रसव के दौरान थोड़ी और देरी हो जाती तो जच्चा या बच्चे के साथ कोई गंभीर घटना हो सकती थी।
हालांकि, जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं और उनका उपचार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हिनौता में ही चल रहा है।
बीएमओ बोले आरोप गलत, दूसरा गेट खुला रहता है
मामले को लेकर हटा बीएमओ डॉ. उमाशंकर पटेल ने प्रसूता के पति के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दो गेट हैं। रात के समय एक गेट बंद रहता है, जबकि दूसरा गेट हमेशा खुला रहता है।
बीएमओ के अनुसार, जिस समय महिला और उसके परिजन स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे, उस समय स्टाफ नर्स अस्पताल के पास स्थित क्वार्टर में खाना खाने गई थी। महिला के पति का फोन आने के बाद नर्स तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंची और प्रसूता को अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।
डॉ. पटेल ने बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। दोनों को आवश्यक उपचार और इंजेक्शन दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल के गेट पर ताला नहीं लगाया जाता और सूचना मिलने के करीब 10 मिनट के अंदर ही स्टाफ नर्स महिला के पास पहुंच गई थी।
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