
दतिया। दतिया की राजनीति में अब घमासान तय माना जा रहा है। पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उनकी स्थिति और कमजोर हो गई है। कोर्ट द्वारा सुनाई गई 3 साल की सजा के चलते उनकी विधानसभा सदस्यता शून्य घोषित कर दी गई है, जिसके बाद दतिया विधानसभा सीट अब रिक्त मानी जा रही है।
निर्धारित समय सीमा के भीतर उपचुनाव कराने की जिम्मेदारी
नियमों के मुताबिक, चुनाव आयोग को निर्धारित समय सीमा के भीतर उपचुनाव कराने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में बताया जा रहा है कि आने वाले एक-दो महीने के भीतर दतिया में उपचुनाव की घोषणा हो सकती है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है
सीट शून्य घोषित होने के बाद दतिया में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सभी प्रमुख दलों ने संभावित उपचुनाव को देखते हुए अपनी रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा तेज हो चुकी है और स्थानीय स्तर पर समीकरण साधे जा रहे हैं। अब देखना होगा कि आने वाले समय में यह चुनावी मुकाबला किसके लिए फायदेमंद साबित होता है और किसके लिए चुनौतीपूर्ण।
दतिया की सियासत में हलचल अपने चरम पर है और सभी की नजरें चुनाव आयोग के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।
ब्युरो रिपोर्ट: भरत रावत
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