
दतिया/ संतोष चंसौलिया: जिले की सेवढ़ा विकासखंड अंतर्गत ग्यारा पशु औषधालय में वर्षों से स्थायी पशु चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति नहीं होने से 18 गांवों के पशुपालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे केंद्र की व्यवस्था एक पीटीएस कर्मचारी के भरोसे संचालित हो रही है, जिससे समय पर इलाज और अन्य पशु चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
उपचार के लिए काफी इंतजार
जानकारी के अनुसार, ग्यारा पशु औषधालय में पशु चिकित्सा अधिकारी के रूप में वीएस प्रेम नारायण जाटव अतिरिक्त प्रभार पर हैं। अतिरिक्त जिम्मेदारी होने के कारण उनकी नियमित मौजूदगी नहीं रहती। ऐसे में क्षेत्र के पशुपालकों को उपचार के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है।
समस्याओं का समाधान संभव नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि पशु बीमार होने पर सबसे पहले पीटीएस कर्मचारी राम अवतार बघेल ही मौके पर पहुंचकर उपलब्ध संसाधनों के अनुसार उपचार का प्रयास करते हैं। हालांकि सीमित अधिकार और संसाधनों के कारण सभी समस्याओं का समाधान संभव नहीं हो पाता।
पशु स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सवाल खड़े
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब इस पशु औषधालय के अंतर्गत 18 गांवों के पशुधन की जिम्मेदारी है, तो अब तक यहां स्थायी पशु चिकित्सा अधिकारी और पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति क्यों नहीं की गई। उनका कहना है कि इससे शासन की पशु स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सरकारी योजनाओं का लाभ
ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि ग्यारा पशु औषधालय में जल्द से जल्द स्थायी पशु चिकित्सा अधिकारी एवं आवश्यक कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए, ताकि पशुपालकों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके और सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
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